Hindi News

राजस्थान में हुए इस उपचुनाव में कांग्रेस की जीत, BJP की उम्मीदवार को मिले 5 वोट

Written by:Deepak Kumar
Published:
राजस्थान में हुए इस उपचुनाव में कांग्रेस की जीत, BJP की उम्मीदवार को मिले 5 वोट

राजस्थान के श्रीगंगानगर में हुए जिला प्रमुख के उपचुनाव ने सियासी माहौल गरमा दिया। गुरुवार (11 सितंबर) को संपन्न हुए इस चुनाव में कांग्रेस ने बीजेपी को करारी हार देते हुए बड़ी जीत हासिल की। कांग्रेस उम्मीदवार दुलाराम इंदलिया ने 31 में से 26 वोट पाकर मुकाबला एकतरफा बना दिया, जबकि बीजेपी की निर्मला देवी को सिर्फ 5 वोट मिले। लंबे समय से खाली चल रहे इस पद पर कांग्रेस की जीत ने विपक्षी दलों में जोश भर दिया है। यह जीत सरकार की नीतियों और क्षेत्र की समस्याओं को लेकर जनता में नाराजगी का संकेत भी है।

चुनाव में कांग्रेस की एकतरफा जीत

श्रीगंगानगर जिले में जिला प्रमुख का पद पिछले डेढ़ साल से खाली था। कुलदीप इंदौरा के लोकसभा सांसद बनने के बाद से यह पद रिक्त था। उपचुनाव में कांग्रेस ने पूरी ताकत झोंक दी और दुलाराम इंदलिया ने बीजेपी की उम्मीदवार निर्मला देवी को भारी मतों से हराया। इंदलिया को 31 में से 26 वोट मिले, जबकि निर्मला देवी को महज 5 वोट ही प्राप्त हुए। इस चुनाव में कांग्रेस की जीत ने इलाके में उसकी पकड़ मजबूत दिखाई। वहीं, बीजेपी को मिली हार ने सरकार की नीतियों और कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सरकार पर लगाए गए आरोप और चुनाव में देरी

कांग्रेस ने उपचुनाव में देरी को लेकर सरकार पर कई बार आरोप लगाए थे। प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और सांसद कुलदीप इंदौरा ने चुनाव कराने की मांग उठाई थी। चुनाव आयोग ने प्रक्रिया शुरू की, लेकिन एक परिवादी द्वारा हाईकोर्ट जाने से चुनाव में और देर हुई। डोटासरा ने भजनलाल शर्मा की सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनावी तारीख घोषित करने के बाद भी स्थगित करना जनता के साथ अन्याय है। सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर और अन्य कारणों का हवाला दिया, लेकिन विपक्ष इसे जानबूझकर उपेक्षा कराए जाने का मामला बता रहा है।

क्षेत्र की समस्याओं ने बीजेपी की हार तय की

बीजेपी की सरकार होने के बावजूद श्रीगंगानगर में कांग्रेस की जीत कई वजहों से हुई। इलाके में सड़क, बिजली, पानी जैसी बुनियादी समस्याओं को लेकर लंबे समय से आंदोलन चल रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार की योजनाएं यहां असरदार नहीं दिखीं। साथ ही इस क्षेत्र से कोई मंत्री न होने के चलते जनता में नाराजगी थी। ऐसे में उपचुनाव में बीजेपी को बड़ा झटका लगा। कांग्रेस ने इसे जनता की असंतुष्टि का संकेत बताया। भरतपुर में भी उपचुनाव होने हैं, जहां विपक्ष चुनाव कराए जाने की मांग को लेकर सक्रिय है। यह बीजेपी के लिए चुनौती बन सकता है।