
राजस्थान में कांग्रेस ने महंगाई, ईंधन की कीमतों और संगठनात्मक मुद्दों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) कार्यालय में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में पार्टी ने 1 अप्रैल से प्रदेशव्यापी आंदोलनात्मक कार्यक्रम शुरू करने का ऐलान किया है। इस दौरान पार्टी नेताओं ने आम जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार की कथित निष्क्रियता पर गहरी चिंता व्यक्त की।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की अध्यक्षता में हुई इस कार्यशाला में प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य एजेंडा जन मुद्दों और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना था। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार आम लोगों की परेशानियों को अनदेखा कर रही है और उनके लिए कोई ठोस कार्ययोजना बनाने में विफल रही है।
गैस की कमी और महंगाई पर सरकार को घेरा
बैठक में पेट्रोल और गैस की संभावित कमी को लेकर फैल रही अफवाहों पर गंभीर चर्चा हुई। नेताओं ने चिंता जताते हुए कहा कि अगर मंत्रियों को भी गैस सिलेंडर मिलना मुश्किल हो जाएगा, तो आम जनता का क्या हाल होगा। विशेष रूप से उज्ज्वला योजना के तहत कनेक्शन लेने वाली BPL महिलाओं की स्थिति पर चिंता व्यक्त की गई। पार्टी का मानना है कि गैस की कमी का सबसे बुरा असर गरीब परिवारों पर पड़ेगा।
इसके अलावा, इस संकट का असर छोटे होटलों, रेस्टोरेंट और लघु उद्योगों पर पड़ने की भी आशंका जताई गई, जिससे कर्मचारियों की नौकरियों पर संकट आ सकता है। कांग्रेस ने इस मुद्दे को संसद में उठाकर एक व्यापक रणनीति बनाने की जरूरत पर जोर दिया।
महिला आरक्षण से लेकर संगठन की मजबूती पर मंथन
बैठक के दौरान कांग्रेस ने महिला आरक्षण को परिसीमन का इंतजार किए बिना तत्काल प्रभाव से लागू करने की अपनी मांग को फिर से दोहराया। साथ ही, पंचायती राज और नगर निकाय चुनाव समय पर कराने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।
संगठनात्मक मोर्चे पर, पार्टी ने मंडल, ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर तक संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर काम करने का फैसला किया। प्रदेश कार्यकारिणी की समीक्षा और रिक्त पदों पर जल्द से जल्द नियुक्तियां करने पर भी सहमति बनी।
SC के फैसले पर टिप्पणी से इनकार
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने कुछ अन्य मुद्दों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट द्वारा एससी-एसटी एक्ट पर दिए गए फैसले पर किसी भी तरह की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। वहीं, जब उनसे राजस्थान मुस्लिम एलायंस द्वारा उमर खालिद को राज्यसभा भेजने की मांग वाले पत्र के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस तरह की कोई जानकारी नहीं है। पार्टी ने 27 मार्च को कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में एकजुट होकर सरकार के खिलाफ आवाज उठाने का आह्वान भी किया है।
कंटेंट राइटर

