मध्य प्रदेश में यहां किसानों ने हाइवे पर किया चक्काजाम

मध्य प्रदेश में यहां किसानों ने हाइवे पर किया चक्काजाम

राजगढ़, डेस्क रिपोर्ट| मध्यप्रदेश (Madhyaprade) के राजगढ़ (Rajgarh) में आज भारतीय किसान यूनियन (Bhartiya kisan Union) के बैनर के साथ अनिल यादव प्रदेश अध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन ने किसानों के साथ हाइवे पर प्रदर्शन करते हुए आंशिक चक्का जाम (Traffic jam) किया और नारे बाजी करते हुए प्रदर्शन किया ।

दरअसल, कृषि कानून को लेकर 12 दिसंबर को भोपाल में भारतीय किसान यूनियन द्वारा महापंचायत बुलाई गई थी जिसमें राजगढ़ जिले के किसान सम्मिलित होने जा रहे थे,इन किसानों को बीच में ही पुलिस द्वारा रोक लिया गया था, जिससे नाराज किसानों ने आज राजगढ़ के ब्यावरा हाईवे पर चक्का जाम कर प्रदर्शन किया| राजगढ़ जिले के जयपुर जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित पगारी बंगले पर भारतीय किसान यूनियन के ब्यावरा ब्लॉक अध्यक्ष राम जगदीश दांगी को भोपाल पंचायत में जाने से रोकने व नजरबंद कर दिए जाने के विरोध में सैकड़ों किसानों ने आज राजगढ़ के हाइवे पर आंशिक रूप से चक्काजाम करते हुए केंद्र सरकार के काले कानून का विरोध किया ।

अनिल यादव भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष का कहना है कि जो देश मे आंदोलन चल रहा है तीनो काले कानूनों को वापस लेने का,ये उसको ये दर्शाना चाहते है कि, ये बार -बार बोल रहे है कि ये हरियाणा और पंजाब का आंदोलन है, ऐसा नही है ये देश का आंदोलन है ,ओर प्रदेश में भी ये आंदोलन चल रहा है ,लेकिन केंद्र सरकार ओर राज्य सरकार इसमें दबंगदारी अपना रही है ,मध्यप्रदेश में भी ऐसा ही किया गया ,जिसके लिए में भोपाल आया था, लेकिन अगर किसानों को राजगढ़ में रोका जा रहा है ,तो हम भोपाल से यहां राजगढ़ में आकर के धरना प्रदर्शन करेंगे ,तो अभी इसके लिए राजगढ़ में आंशिक चक्का जाम प्रदर्शन किया है ।अगर इस प्रकार की दबंगदारी अपनाती है ये केंद्र सरकार और राज्य सरकार ओर कलेक्टरों को इस प्रकार के आदेश देती है तो हम,तो हम हर चार किलोमीटर पर मध्यप्रदेश में चक्का जाम करेंगे ,ये तो एक नमूना है ,राजगढ़ में किसानों को यह रोका है ,इस लिए हमने राजगढ़ में चक्का जाम किया है|

Gaurav Sharma
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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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