सावन के अंतिम सोमवार के दिन बन रहा है शुभ संयोग, इन उपायों से होगी तरक्की, मनोकामना होगी पूरी

सावन के अंतिम सोमवार के दिन बन रहा है शुभ संयोग, इन उपायों से होगी तरक्की, मनोकामना होगी पूरी

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। हिन्दू धर्म में सावन (Sawan 2022) का बहुत खास महत्व है है। इस साल सावन का अंतिम सावन 8 अगस्त को पड़ रहा है और इस पुत्रदा एकादशी का खास संयोग भी बन रहा है। भगवान शिव के महीने में नारायण का दिन पड़ना भक्तों के जीवन में सुख और समृद्धि लाएगा। ऐसा माना जाता है की एक ही दिन सोमवारी और एकादशी का व्रत करना बहुत शुभ होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस दिन कुछ उपायों को करने से जीवन में तरक्की होती है और कभी भी धन की कमी नहीं होती। तो आइए जानें इन उपायों के बारे में।

जल में तुलसी की मंजरी डालकर करें अभिषेक

हिन्दू धर्म में सावन एकादशी के दिन जल में तुलसी की मंजरी दल कर शिवलिंग का अभिषेक करना बहुत शुभ माना जाता है। ऐसी मान्यता है की इस तरीके से जलाभिषेक करने से भगवान इच्छापूर्ति करते हैं। इस तरह जलाभिषेक करने से भगवान शिव और नारायण दोनों का आशीष एक साथ मिलता है।

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नंदी को भोग लगाना होता है शुभ

सावन का आखिरी सोमवार बहुत खास होता है। नंदी बाबा शिव के सबसे खास है, इसलिए इस दिन उनकी पूजा करना और उन्हें भोग लगाना बहुत शुभ होता है। इस दिन मनोकामना पूर्ति के लिए गरीबों को भोजन करवाएं और दान भी करें।

उन्नति और सफलता के लिए उपाय

यदि आपकी तरक्की रुकी है और सफलता में कोई रुकावट आ रही है, तो यह उपाय आपकी मदद कर सकता है। सावन एकादशी के दिन सफलता के लिए उपवास रखना और व्रतियों को फलहार करवाना बहुत फलदायक माना जाता है। इस शुभ अवसर पर भगवान विष्णु को तुलसी की मला चढ़ाएं। भगवान शिव को 108 बेलपत्र अर्पित करना बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन महामृत्युंजय जाप और विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना शुभ होता है।

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पेड़ों की पूजा करना बहुत शुभ होता है

सावन का महिना ही हरियाली का होता है। यह माह प्रकृत्ति को अर्पित होता है। इस दिन पेड़ों की पूजा करना बहुत शुभ माना जाता है। इस साल सावन के अंतिम सोमवार में बेल का पेड़ और आंवले के पेड़ के नीचे घी का दीपक जलाना बहुत शुभ होता है। बेलपत्र भगवान शिव का प्रिय है, बेलपत्र में भगवान शिव और इसके पदों में माता लक्ष्मी का वास होता है। वहीं आंवले के पेड़ में त्रिदेव निवास होता है।

Disclaimer: इस खबर का उद्देश्य केवल शिक्षित करना है। हम इन बातों का दावा नहीं करते। विद्वानों की सलाह जरूर लें।

Manisha Kumari Pandey
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