
छठ महापर्व (Chhath puja 2025) का देश भर में उल्लास छाया हुआ दिखाई दे रहा है। ये त्यौहार मुख्य रूप से बिहार के जिलों में मनाया जाता है। छठ पूजा सूर्य देव और छठी मैया को अर्पित की गई है। आस्था, पवित्रता और अनुशासन से भरा यह पर्व खूब उल्लास के साथ मनाया जाता है। आज 4 दिनों तक चलने वाले इस त्यौहार का तीसरा दिन है।
यह व्रत बोलने और सुनने में भले ही आसान लगता हो लेकिन करने में बहुत कठिन होता है। तीसरा दिन इस व्रत का सबसे कठिन समय कहलाता है। दरअसल, इस दिन सूर्य को संध्या अर्घ्य दिया जाता है। इस दिन कुछ खास नियमों का पालन करना जरूरी होता है वरना व्रत का फल प्राप्त नहीं होता। चलिए हम आपको बता देते हैं कि इस दिन आपको किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
संध्या अर्घ्य में ना करें ये काम (Chhath puja 2025)
- व्रत के तीसरे दिन सूर्योदय से लेकर अगले सूर्योदय तक अन्य ग्रहण नहीं किया जाता है। केवल अन्य ही नहीं इस दिन जल की एक बूंद भी नहीं पी जाती है। जो व्यक्ति व्रत करता है उसे अन्य और जल ग्रहण नहीं करना चाहिए अन्यथा व्रत पूरा नहीं होता।
- जब आप व्रत का प्रसाद बना रहे हैं या फिर अर्घ्य का सूप तैयार कर रहे हैं। उस समय जो व्रत नहीं कर रहा है उसे हाथ धोए बिना उसे छूना नहीं चाहिए। अपवित्र हाथों से या बिना स्नान किए गए चप्पल पहनकर यह काम नहीं किए जाते हैं।
- व्रत के दौरान व्यक्ति को अपना मन शांत और सात्विक रखना चाहिए। अशांत मन से किया गया व्रत संपन्न नहीं होता है।
- तीसरे दिन की तपस्या कठोर होती है इसलिए क्रोध नहीं करना चाहिए। किसी को अपशब्द कहना या घर में लड़ाई का माहौल बनाना अच्छा नहीं होता। क्रोध करने से व्यक्ति के व्रत का फल नष्ट हो जाता है और नकारात्मकता बढ़ती है।
संध्या अर्घ्य पर क्या करें
- सूर्यास्त के समय आपको किसी भी पवित्र नदी या फिर घर पर बनाए गए जल कुंड के किनारे पहुंचना होगा।
- इस दौरान आपको साफ सुथरे कपड़े पहनने चाहिए।
- अर्घ्य के दौरान पूजा में जो लोग शामिल हो रहे हैं उन्हें पवित्रता का खास ख्याल रखना होगा।
- सूप को हाथ में रखकर या फिर किसी की मदद से दूध और गंगाजल का अर्घ्य दें। ये धारा डूबते हुए सूरज को दी जाती है।
- जिस लोटे से आप अर्घ्य दे रहे हैं, उसे इस तरह पकड़े कि आपको सूर्य की किरणे जल से निकलती हुई नजर आए।
- अर्घ्य देने का बाद सूप में रखे हुए घी के दीपक को जलाकर जल में प्रवाहित कर दें या फिर घाट के किनारे पर रख दें।
- अब आपको घर के बड़े बुजुर्गों यहां पर पंडित से छठ व्रत की कथा जरूर सुनाई चाहिए।
- इस दौरान छठी मैया से दीर्घायु, सुख समृद्धि और आरोग्य का वर जरूर मांगे।
Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News नहीं करता।
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