हरतालिका तीज पर करें 5 अचूक उपाय, वैवाहिक जीवन में आएगी मधुरता, मिलेगा अखंड सौभाग्य का वरदान

हरतालिका तीज पर करें 5 अचूक उपाय, वैवाहिक जीवन में आएगी मधुरता, मिलेगा अखंड सौभाग्य का वरदान

Hartalika Teej 2023: हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरतालिका तीज का पर्व मनाया जाता है। इस दिन महिलायें अपने पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं। वहीं कुंवारी कन्याएं मनचाहा वर पाने के लिए व्रत रखती हैं। इस दिन भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। इस साल 18 सितंबर को हरतालिका तीज का व्रत रखा जाएगा। मान्यताएं हैं कि इस दिन व्रत रखने और विधि-विधान के साथ पूजा करने सुहागिन महिलाओं को अखंड सौभाग्य का वरदान मिलता है। हरतालिका तीज के दिन कुछ उपायों को करना बेहद ही शुभ माना जाता है।

सौभाग्य के लिए

हरतालिका तीज के दिन पूजा के बाद पाँच बुजुर्ग महिलाओं को साड़ी और बिछिया का दान करना शुभ माना जाता है। बिछिया सुहाग की निशानी होती है। मान्यताएं हैं कि ऐसा करने से अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है।

शीघ्र विवाह के लिए

कुंडली में ग्रहों के अशुभ प्रभाव से विवाह में बाधाएं उत्पन्न होती है। इसे दूर करने के लिए देवी पार्वती और भगवान शिव की उपासना हरतालिका तीज के दिन करें। उन्हें 11 हल्दी की गांठ अर्पित करें। वहीं भोलेनाथ को सफेद रंग से वस्त्र चढ़ाएं। ऐसा करने से विवाह के योग बनते हैं।

सुखमय दाम्पत्य जीवन के लिए

वैवाहिक जीवन में आ रही परेशानियों को समाप्त करने के लिए हरतालिका तीज पर भगवान गणेश को मालपुए का भोग लगाएं।

पति-पत्नी में बढ़ेगा प्यार

हरतालिका तीज के दिन 16 शृंगार का खास महत्व होता है। इस दिन हरी चूड़ियाँ जरूर पहनें। पत्नियाँ अपने पति से मांग में सिंदूर भरवाएं। ऐसा करने से पति-पत्नी के रिश्ते में प्रेम बढ़ता है।

मनचाहा वर पाने के लिए

कुंवारी कन्याएं इस दिन सुबह जल्दी उठें। स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करने के बाद शिव-पार्वती के जाएं। यहाँ माता पार्वती और भगवान शंकर को लाल गुलाब अर्पित करें। भगवान शिव के साथ-साथ नंदी को शहद अर्पित करें। ऐसा  करने से मनचाहा वर मिलता है।

(Disclaimer: इस आलेख का उद्देश्य केवल समान्य जानकारी साझा करना है, जो मान्यताओं पर आधारित है। MP Breaking News इन बातों की पुष्टि नहीं करता।)

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews