19 अक्टूबर को ललिता पंचमी व्रत, जानिए शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि

19 अक्टूबर को ललिता पंचमी व्रत, जानिए शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि

Lalita Panchami 2023 : ललिता पंचमी व्रत विशेष रूप से गुजरात और महाराष्ट्र में मनाया जाता है। इसे ललिता जयंती के रूप में भी जाना जाता है। मां ललिता को अनेक नामों से पुकारा जाता है, जिनमें महात्रिपुर सुन्दरी, षोडशी, ललिता, लीलावती और लीलामती, ललिताम्बिका, लीलेशी, लीलेश्वरी, ललिता गौरी आदि। इस दिन भक्त विशेष पूजा, आराधना, ध्यान और भजन-कीर्तन कर मां का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। तो चलिए आज हम आपको शुभ मुहूर्त और पूजा विधि बताते हैं…

शुभ मुहूर्त

ललिता व्रत का आयोजन 19 अक्टूबर 2023, सुबह 01 बजकर 12 मिनट से लेकर 20 अक्टूबर 2023 सुबह 12 बजकर 31 मिनट तक किया होगा इस मुहूर्त पर व्रत रखकर माता की विशेष कृपा पा सकते हैं।

महत्व

धर्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवी स्कंदमाता का पूजा शारदीय नवरात्र के पांचवे दिन किया जाता है। देवी स्कंदमाता को भगवान स्कंद (कार्तिकेय) की मां के रूप में पूजा जाता है, जिन्होंने उनके जन्म के साथ ही मां पार्वती की मातृत्व की भूमिका निभाई। उनका ध्यान करने से भक्तों को मां का आशीर्वाद मिलता है और उनके जीवन में सुख, समृद्धि आती है। मां ललिता देवी के साथ मां सती के रूप में भी पूजा की जाती है, जो हिन्दू धर्म में महादेव शिव की पत्नी के रूप में मानी जाती हैं। केवल इतना ही नहीं, देवी ललिता को “दस महाविद्याओं” में से एक माना जाता है। साथ ही उन्हें रोग और दोष से छुटकारा दिलाने वाली शक्ति भी माना जाता है।

सामग्री

  1. चूड़ियां, कान की बालियां, मांग तिका, हार, आदि
  2. बैठने की चादर
  3. पूजा की थाली
  4. मां ललिता की मूर्ति या चित्र
  5. आकंड दीपक (घी का दीपक)
  6. कुमकुम, चावल, फूल, धूप, दीप, नैवेद्य आदि
  7. व्रत की कथा की पुस्तक
  8. तुलसी पत्ता
  9. जल पूजन के लिए पानी की कलश

पूजा विधि

  1. सबसे पहले एक शुद्ध स्थान पर बैठें।
  2. अपने हाथों को धोकर पानी को पूजा स्थल पर रखें।
  3. अपने आत्मा को शुद्ध करने के लिए मां ललिता को मन में ध्यान में ले और उनकी कृपा के लिए प्रार्थना करें।
  4. अब मां ललिता की मूर्ति या चित्र को कुमकुम और चावल से सजाएं।
  5. व्रत की कथा की पठन करें।
  6. अलंकरण सामग्री का प्रयोग करके मां ललिता की मूर्ति को सजाएं।
  7. तुलसी पत्तों की माला बनाकर मां ललिता की पूजा करें।
  8. दीपक को जलाएं और आरती करें।
  9. पूजा की थाली में नैवेद्य तैयार करें और मां को प्रसाद चढ़ाएं।
  10. आखिर में धूप, दीप, फूल, और अन्य पूजा सामग्री का चढ़ाएं।

(Disclaimer: यहां मुहैया सूचना अलग-अलग जानकारियों पर आधारित है। MP Breaking News किसी भी तरह की जानकारी की पुष्टि नहीं करता है।)

Sanjucta Pandit
लेखक के बारे में
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सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit →
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