महाशिवरात्रि के दिन चारों पहर इस विधि से करें पूजा, मिलेगा महादेव का आशीर्वाद

महाशिवरात्रि के दिन विधि विधान से की गई भोलेनाथ की पूजा बहुत लाभदायक मानी गई है। चलिए जान लेते हैं चारों पहर में आपको किस तरह से पूजा करनी चाहिए।
Mahashivratri 2026

महाशिवरात्रि की पर्व का बहुत अधिक महत्व माना गया है। साल 2026 में आने वाला यह त्यौहार बहुत शुभ माना जा रहा है। इस दिन की गई भोलेनाथ की पूजा विशेष फल देने वाली रहेगी। महाशिवरात्रि वैसे भी केवल एक व्रत नहीं है बल्कि शिव और शक्ति के मिलन का प्रतीक है।

यह वही दिन है जब भोलेनाथ और माता पार्वती का विवाह हुआ था। यही कारण है किस दिन पूजा, पाठ और व्रत करने से जीवन में खुशहाली का आगमन होता है। मनचाहे वर की प्राप्ति के लिए ये दिन शुभ माना गया है। चलिए हम आपको इस दिन के दुर्लभ संयोग और पूजा विधि के बारे में बता देते हैं।

महाशिवरात्रि के दुर्लभ संयोग

इस साल महाशिवरात्रि के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और प्रदोष का सहयोग बना रहा है। सालों बाद यह समय देखने को मिला है जब चंद्रमा अपनी उच्च राशि के निकट होगा। इससे मानसिक शांति की प्राप्ति होगी और आर्थिक बाधाएं दूर हो जाएगी। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन की गई पूजा का कई गुना फल प्राप्त होता है। मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए भी यह बहुत शुभ माना गया है।

चार पहर की पूजा का समय

प्रथम पहर सुबह 6 से 9 बजे तक रहेगा। दूसरा प्रहर 9 से 12 बजे तक, तीसरा पहर 12 से 3 बजे तक और चतुर्थ यानी चौथा प्रहर दोपहर 3 से शाम 6 बजे तक रहने वाला है।

कैसे करें पूजा

  • महाशिवरात्रि के दिन सूर्योदय से पहले उठकर गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
  • आपको पूजा करने के लिए सफेद या पीले रंग के वस्त्र पहनना होंगे।
  • अब अपने हाथ में जल, अक्षत और फूल लेकर भगवान के सामने व्रत का संकल्प लें।
  • शिवलिंग पर आपको सबसे पहले जल चढ़ाना होगा।
  • इसके बाद दूध, दही, घी शहद और शक्कर अर्पित करें।
  • आखिर में गंगा जल या शुद्ध जल चढ़ाएं।
  • अब आपको ॐ नमः शिवाय बोलकर तीन पत्तों वाला बेलपत्र चढ़ाना होगा।
  • अब महादेव को धतूरे का फल, फूल और भांग अर्पित करें।
  • सफेद चंदन का तिलक लगाकर चावल अर्पित करें और आक, कनेर या फिर कोई भी सफेद फूल चढ़ाएं।
  • गाय के घी का दीपक प्रज्वलित करें।
  • अब आपको किसी भी मिठाई या फिर ऋतु फल का भोग लगाना होगा।
  • पूजा के समय ॐ नमः शिवाय का जाप जरूर करें।
  • शिव चालीसा का पाठ करें।
  • आखिर में आपको कपूर और दीपक से भोलेनाथ की आरती करनी होगी।

Disclaimer: यहां दी गई सूचना केवल एक सामान्य जानकारी है। उपयोग करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। MP Breaking News इसकी पुष्टि नहीं करता।

Diksha Bhanupriy
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