कालसर्प दोष से पाना है छुटकारा? महाशिवरात्रि के दिन करें ये खास उपाय

महाशिवरात्रि के दिन का विशेष महत्व माना गया है। अगर आप अपनी कुंडली में मौजूद कालसर्प दोष से परेशान हैं तो इस दिन कुछ खास उपाय कर सकते हैं।
Mahashivratri 2026

महाशिवरात्रि का पर्व हिंदू धर्म के सबसे प्रमुख त्योहारों में से एक है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। यही कारण है कि इस दिन दुनिया भर में शिव भक्त भोलेनाथ और माता पार्वती की पूजा करते हैं। इस दिन भगवान के लिंग स्वरूप की पूजन करने का विशेष महत्व माना गया है।

महाशिवरात्रि के दिन पूजन पाठ करने के साथ भक्तों को उपवास करते हुए भी देखा जाता है। पुराणों के मुताबिक इस दिन भगवान शिव अपने लिंग स्वरूप में प्रकट हुए थे।  ग्रह दोषों की शांति के लिए इस दिन कुछ उपाय किए जाने का महत्व बताया गया है।

कुंडली में है कालसर्प दोष

हर व्यक्ति की कुंडली में नवग्रह अलग-अलग जगह पर विराजित होते हैं। यह ग्रह जिस ग्रह के साथ बैठे हुए हैं उससे कुछ योग और दोष निर्मित होते हैं। कुंडली के कई सारे दोषों में से कालसर्प को सबसे खतरनाक माना गया है। जिस व्यक्ति पर इसका प्रभाव होता है उसे कई तरह के कष्ट झेलने पड़ते हैं। जब कुंडली के सारे ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाते हैं तब यह दोष लगता है। राहु के सर्प का मुंह और केतु को पूंछ मानकर इसे कालसर्प दोष कहा जाता है। यह व्यक्ति के जीवन में आर्थिक, शारीरिक, मानसिक और वैवाहिक कष्ट लेकर आता है।

क्या होता है असर

कालसर्प दोष के बारे में यह कहा जाता है कि इसका सबसे ज्यादा असर व्यक्ति की वैवाहिक जिंदगी पर पड़ता है। इस दोष से ग्रसित जातक के जीवन में विवाह में विलंब, वैवाहिक जीवन में कलह, संतान प्राप्ति में बाधा और अलगाव जैसी स्थिति आती है। महाशिवरात्रि का दिन इस दोष के निवारण के लिए सर्वोत्तम माना गया है।

महाशिवरात्रि पर करें ये उपाय

महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की आराधना करने से सभी दोषों का निवारण मिल जाता है। कालसर्प दोष राहु केतु से जुड़ा है और भोलेनाथ इन दोनों ग्रहों के अधिपति हैं। शास्त्रों के मुताबिक महाशिवरात्रि पर रुद्राभिषेक मंत्र जाप और विशेष पूजन से इस दोष को समाप्त किया जा सकता है।

कालसर्प दोष शांति का उपाय

  • शिवलिंग पर दूध, दही, शहद, घी और गंगाजल से अभिषेक करें।
  • आपको अपने सामर्थ्य के मुताबिक चांदी के नाग का जोड़ा शिवलिंग पर चढ़ाना चाहिए।
  • नाग देवता के मंत्र का 108 बार जाप अवश्य करें। इसके अलावा महामृत्युंजय मंत्र का जाप दिन में दो बार बहुत कारगर होता है।
  • नाग पंचमी के दिन व्रत रखें, काले तिल का दान करें और नाग को दूध चढ़ाएं।
  • जो व्यक्ति हनुमान चालीसा और शनि मंत्र का जाप करता है उसे इस दोष  से राहत मिलती हैं
  • काला कपड़ा, काले तिल, सरसों और लोहे का शनिवार को दान जरूर करें। इससे जीवन में आ रही बाधाएं दूर होती है।

Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News न्यूज़ नहीं करता।

Diksha Bhanupriy
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"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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