नवरात्रि पर नए घर में शिफ्ट हो रहे हैं? इन वास्तु से जुड़ी चीजों का रखें ध्यान

नवरात्रि पर नए घर में प्रवेश को बेहद शुभ माना जाता है, लेकिन इस समय कुछ वास्तु शास्त्र उपाय अपनाना जरूरी है। सही दिशा, पूजन सामग्री और गृह प्रवेश के नियमों का पालन करने से घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
Navratri Vastu

भारत में घर बदलने या नए घर में शिफ्ट होने का सही समय बेहद मायने रखता है। खासकर जब बात नवरात्रि की हो, तो इसे शुभ मुहूर्त के रूप में देखा जाता है। मान्यता है कि इस दौरान किए गए गृह प्रवेश से घर में देवी लक्ष्मी का वास होता है और परिवार पर मां दुर्गा का आशीर्वाद बना रहता है।

लेकिन केवल शुभ दिन ही नहीं, बल्कि वास्तु शास्त्र के नियमों का पालन करना भी उतना ही जरूरी है। क्योंकि गलत दिशा या असावधानी से किया गया गृह प्रवेश आने वाले समय में अशुभ प्रभाव ला सकता है। अगर आप इस नवरात्रि नए घर में शिफ्ट हो रहे हैं, तो ये वास्तु टिप्स आपके लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकते हैं।

नवरात्रि पर गृह प्रवेश का महत्व

नवरात्रि को देवी शक्ति का पर्व माना जाता है। इस दौरान किए गए किसी भी शुभ कार्य का परिणाम कई गुना बढ़कर मिलता है। वास्तु विशेषज्ञों का मानना है कि नवरात्रि में नए घर में प्रवेश करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में समृद्धि का संचार होता है।

गृह प्रवेश से पहले के वास्तु उपाय

1. घर की शुद्धि और गंगाजल छिड़काव

नए घर में शिफ्ट होने से पहले घर की पूरी तरह सफाई करनी चाहिए। उसके बाद गंगाजल, गौमूत्र या समुद्र के जल से घर का शुद्धिकरण करें। यह उपाय नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखता है।

2. मुख्य द्वार पर तोरण और स्वस्तिक

गृह प्रवेश के समय मुख्य द्वार पर आम, अशोक या केले के पत्तों का तोरण लगाना बेहद शुभ माना जाता है। साथ ही स्वस्तिक का चिन्ह बनाना चाहिए। यह घर में लक्ष्मी जी के आगमन का प्रतीक है और परिवार को सुख-शांति प्रदान करता है।

3. शुभ मुहूर्त में प्रवेश

वास्तु शास्त्र कहता है कि बिना शुभ मुहूर्त देखे नए घर में प्रवेश नहीं करना चाहिए। नवरात्रि में विशेष रूप से चुने गए दिन और तिथि पर गृह प्रवेश करना शुभ रहता है। इसके लिए पंडित या ज्योतिषी से मुहूर्त अवश्य निकालें।

गृह प्रवेश के समय पूजा और सामग्री

1. कलश स्थापना

गृह प्रवेश के दिन घर के उत्तर-पूर्व कोण में कलश स्थापना करना आवश्यक है। कलश में जल, सुपारी, आम के पत्ते और नारियल रखें। यह सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है और घर में मंगलकारी वातावरण बनाता है।

2. हवन और मंत्रोच्चारण

गृह प्रवेश पर हवन और मंत्रोच्चारण का आयोजन करना चाहिए। इससे वातावरण शुद्ध होता है और वास्तु दोष दूर होते हैं। मंत्रों की ध्वनि से घर की दीवारें भी सकारात्मक ऊर्जा से भर जाती हैं।

3. पहले कदम दाहिने पैर से

नए घर में प्रवेश करते समय महिला गृहिणी को दाहिने पैर से घर में प्रवेश करना चाहिए। इसे शुभ संकेत माना जाता है और घर में लक्ष्मी जी का वास होता है।

गृह प्रवेश के बाद क्या करें और क्या न करें

  1. पहले दिन घर में अनाज और दूध से बनी चीजें जरूर पकाएं।
  2. घर में कभी भी खाली बर्तन न रखें, यह अशुभ माना जाता है।
  3. शिफ्टिंग के तुरंत बाद झगड़ा या नकारात्मक माहौल बनाने से बचें।
  4. घर के उत्तर-पूर्व हिस्से को हमेशा साफ और रोशन रखें। यह ईशान कोण होता है, जो देवताओं का स्थान माना जाता है।
Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
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