काल भैरव जयंती पर राशि अनुसार इन चीजों से करें भगवान शिव का अभिषेक, मिलेगा मनचाहा जीवनसाथी

काल भैरव जयंती पर राशि अनुसार इन चीजों से करें भगवान शिव का अभिषेक, मिलेगा मनचाहा जीवनसाथी

Kalashtami 2023 : काल भैरव जयंती भगवान शिव का एक रूप हैं, जिनकी पूजा और उनका उपासना से भक्तों के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। काल भैरव को संसार के अन्धकार को दूर करने और भक्तों को संशयरहित भक्ति में प्रेरित करने का प्रतीक माना जाता है। यह पर्व ध्यान, त्याग और श्रद्धा को बढ़ाने का अवसर भी होता है। बता दें कि काल भैरव जयंती हर वर्ष मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मनाई जाती है। वहीं, इस साल यह 5 दिसंबर को मनाया जाएगा। इस दिन राशि अनुसार विधि-विधान से पूजा करने पर श्रद्धालुओं को मनचाहा जीवनसाथी मिलेगा। आइए जानें विस्तार से…

राशि अनुसार करें जलाभिषेक

  • मेष राशि के जातक इस दिन भगवान शिव की पूजा करने के दौरान गंगाजल में शहद और सुगंध मिलाएं, जो उनके अभिषेक के लिए किया जाता है। इससे न केवल मांगलिक दोष का प्रभाव कम होता है, बल्कि यह आपके जीवन में सुख-शांति और समृद्धि लाता है।
  • वृषभ राशि के जातकों को इस दिन शिवलिंग को पूजन स्थल पर स्थापित करना होगा। जिसके बाद शिवलिंग को पानी से स्नान कराएं, फिर उसे कच्चे दूध से अभिषेक करें। अभिषेक के समय भगवान शिव की मंत्रों या स्तोत्रों का पाठ कर सकते हैं।
  • मिथुन राशि के जातक अशुभ ग्रह के प्रभाव को कम करने के लिए भगवान शिव का अभिषेक गंगाजल में दूर्वा और बेलपत्र मिलाकर चढ़ाए। इसके बाद आपको शिवलिंग को पूजन स्थल पर स्थापित करना होगा, फिर उसे पानी से स्नान कराएं।
  • कर्क राशि के जातक इस दिन भगवान शिव को पंचामृत से स्नान कराएं। सबसे पहले शिवलिंग को पूजन स्थल पर स्थापित करें। फिर उसे पानी से स्नान कराएं। अब पंचामृत को एक साथ मिलाकर उस पर अभिषेक करें, इसके साथ ही भगवान शिव की मंत्रों या स्तोत्रों का पाठ करें।
  • सिंह राशि के जातक के इस खास दिन में शिवलिंग को पूजन स्थल पर स्थापित करें। फिर शिवलिंग को पानी से स्नान कराएं। जिसके बाद गन्ने का रस निकालकर उससे शिव लिंग पर अभिषेक करें। अभिषेक के समय भगवान शिव की मंत्रों या स्तोत्रों का पाठ करें।
  • कन्या राशि के जातक इस दिन शिवलिंग को पूजन स्थल पर स्थापित करें। फिर उसे पानी से स्नान कराएं। अब गंगाजल या कच्चे दूध में बेलपत्र और दूर्वा मिलाकर उससे अभिषेक करें। अभिषेक के समय भगवान शिव की मंत्रों या स्तोत्रों का पाठ कर सकते हैं।
  • तुला राशि के जातक शिवलिंग को पूजन स्थल पर स्थापित कर सकते हैं। फिर उसे पानी से स्नान कराएं। जिसके बाद शुद्ध घी से अभिषेक करें।
  • वृश्चिक राशि के जातक भगवान शिव के आशीर्वाद प्राप्ति के लिए पंचामृत से अभिषेक करें। इसके साथ ही भगवान शिव की मंत्रों या स्तोत्रों का पाठ करें।
  • धनु राशि के जातक को शिवलिंग को पूजन स्थल पर स्थापित करें। फिर शिव लिंग को पानी से स्नान कराएं। उसके बाद दूध में केसर मिलाकर उससे अभिषेक करें। अभिषेक के समय भगवान शिव की मंत्रों या स्तोत्रों का पाठ करें।
  • मकर राशि के जातकों को शिवलिंग को पूजन स्थल पर स्थापित करने के बाद पानी से स्नान कराएं। बता दें कि जल में काले तिल मिलाकर उससे अभिषेक करें।
  • कुंभ राशि के जातकों को नारियल जल से भगवान शिव का अभिषेक कराना चाहिए, जिससे आपको आपका मनचाहा जीवनसाथी मिलेगा। साथ ही लाइफ खुशियों से भर जाएगी।
  • मीन राशि के जातक गंगाजल में केसर मिलाकर शिवलिंग अभिषेक करें। इस समय भगवान शिव की मंत्रों या स्तोत्रों का पाठ कर सकते हैं।

(Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। MP Breaking News किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।)

Sanjucta Pandit
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सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit →
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