27 दिसंबर से होगी पौष महीने की शुरुआत, यहां देखें प्रमुख व्रत-त्योहारों की लिस्ट

vrat tyohar 2024

Vrat Tyohar 2024: 27 दिसंबर से पौष महीने की शुरुआत हो जाएगी जो 26 जनवरी 2024 तक चलने वाला है। यह महीना सूर्य देवता और पितरों की पूजन के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। इस महीने में रविवार का व्रत रखने वाले और सूर्य को अर्घ्य देने वाले व्यक्ति की कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है जिससे उसका जीवन बेहतर होता है।

सूर्य व्यक्ति के जीवन में ऊर्जा लाने का काम करता है जिसकी वजह से सेहत परिवार और व्यापार में सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। पौष के महीने में मकर संक्रांति समेत कई सारे व्रत आने वाले हैं। हम आपको इन्हीं की जानकारी देते हैं।

पौष माह के प्रमुख व्रत त्योहार

गुरु पुष्य योग

27 दिसंबर से पौष महीने की शुरुआत हो रही है और इसके दूसरे दिन यानी 28 दिसंबर को गुरु पुष्य योग का शुभ संयोग बनने वाला है। इस योग में खरीदारी करना और मांगलिक कार्य करना शुभ माना जाता है और मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए यह उत्तम समय होता है।

अखुरथ संकष्टी चतुर्थी

30 दिसंबर को अखुरथ संकष्टी चतुर्थी का व्रत पड़ने वाला है, जो भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए होता है। इस दिन जो व्यक्ति व्रत और आराधना करता है उसके जीवन में सुख समृद्धि का वास होता है।

सफला एकादशी

इस बार 7 जनवरी 2024 को सप्लाई एकादशी रहने वाली है, जो साल की पहली एकादशी होगी। मान्यताओं के मुताबिक इस व्रत के प्रभाव से साधकों को बुरे कर्मों से मुक्ति मिलती है।

भौम प्रदोष मासिक शिवरात्रि

यह दोनों व्रत 9 जनवरी को है, जो भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए किए जाते हैं। जिन जातकों के जीवन में धन, संपत्ति और विवाह को लेकर परेशानी आ रही है। अगर वह यह व्रत करते हैं तो उन्हें इन सारी परेशानियों से मुक्ति मिलती है।

पौष अमावस्या

हिंदू धर्म में इस अमावस्या का विशेष महत्व माना जाता है जो 11 जनवरी को आ रही है। अमावस्या की तिथि वैसे भी पितरों की तर्पण के लिए विशेष मानी गई है। ऐसे में पितरों से जुड़े हुए विभिन्न उपाय इस दिन किए जा सकते हैं।

15 जनवरी

15 जनवरी के दिन मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा। जिसे उत्तरायण और पोंगल के नाम से भी पहचान जाता है। इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं और उनकी गति उत्तर दिशा की ओर होती है। इस दिन स्नान दान विशेष महत्व माना गया है।

गुरु गोबिंद सिंह जयंती

17 जनवरी को गुरु गोविंद सिंह जी की जयंती है जो सिखों का प्रमुख त्योहार माना जाता है। उन्होंने खालसा पंथ की स्थापना की थी और यह दिन बड़ी धूमधाम से बनाया जाता है।

पुत्रदा एकादशी

यह व्रत 21 जनवरी को पड़ने वाला है। जो लोग ये व्रत करते हैं उन्हें संतान संबंधी दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ता है। इसी के साथ की संतान लोगों को संतान प्राप्ति के फल भी इस व्रत से मिलते हैं।

25 जनवरी

25 जनवरी को पौष माह की पूर्णिमा है और इसी के साथ ही महीना समाप्त हो जाएगा। इस दिन लक्ष्मी नारायण की पूजा करने का काफी महत्व माना जाता है। पूर्णिमा का व्रत काफी समृद्धि देने वाला होता है और जीवन में सौभाग्य का आगमन करता है।

(Disclaimer- यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं के आधार पर बताई गई है। MP Breaking News इसकी पुष्टि नहीं करता।)

Diksha Bhanupriy
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"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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