6 फरवरी को षटतिला एकादशी, घर ले आएं ये 5 चीजें, माँ लक्ष्मी होंगी प्रसन्न, जमकर बरसेगा पैसा, पूरी होगी मनोकामना

Shattila Ekadashi 2024

Shattila Ekadashi 2024: सनातन धर्म में एकादशी का बेहद ही खास महत्व होता है। पूरे साल में 24 एकादशी तिथियां पड़ती हैं। माघ मास के कृष्ण पक्ष पर पड़ने वाली एकादशी को षटतिला एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस बार 6 फरवरी को षटतिला एकादशी का व्रत रखा जाएगा। यह दिन देवी लक्ष्मी और भगवान विष्णु को समर्पित होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस दिन कुछ चीजों को घर लाना बहुत ही शुभ माना जाता है। ऐसा करने से धन-धान्य में वृद्धि होती है। घर में मां लक्ष्मी का वास होता है।

नारियल

षटतिला एकादशी के दिन नारियल लाना बहुत शुभ माना जाता है। पूजा के दौरान से नारियल को पवित्र कर लें और इसे भगवान विष्णु के चरणों के पास रख दें। द्वादशी के दिन एक लाल कपड़े में नारियल को बांधकर घर की तिजोरी या धन के स्थान पर रख दें। ऐसा करने से आर्थिक तंगी दूर होती है। धन और समृद्धि में वृद्धि होती है।

चांदी का कलश

षटतिला एकादशी के दिन घर में चांदी का कलश लाना शुभ माना जाता है। मान्यताएं ऐसा करने से घर का वास्तु दोष खत्म होता है।

पीली कौड़ियाँ

इस दिन घर में पीले रंग की कौड़ियाँ जरूर लाएं। पीले रंग के कौड़ियों को माता लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। इन्हीं लाल कपड़े में लपेटकर तिजोरी में रखने से धन का खर्च कम होता है।

दक्षिणवर्ती शंख

एकादशी के दिन दक्षिणवर्ती शंख भी ले आयें। जरूर लाएं। इसे देवी लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। घर में रखने से ऐश्वर्या और समृद्धि में वृद्धि होती है।

हंस की मूर्ति

इस दिन चांदी से निर्मित हंस की मूर्ति लाना शुभ माना जाता है। हंस को प्रेम, शांति और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है। घर में इसे रखने से करियर और कारोबार में लाभ होता है। धन की कमी नहीं होती। वैवाहिक जीवन भी सुख में रहता है।

(Disclaimer: इस आलेख का उद्देश्य सामान्य जानकारी साझा करना है, जो पंचांग, मान्यताओं और विभिन्न माध्यमों पर आधारित है। MP Breaking News इन बातों के सत्यता और सटीकता की पुष्टि नहीं करता।)

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews