आपके जूते-चप्पल का रंग बदल सकता है आपकी किस्मत, इस रंग के फुटवियर से रखें दूरी, ये रंग होंगे शुभ

आपके जूते-चप्पल का रंग बदल सकता है आपकी किस्मत, इस रंग के फुटवियर से रखें दूरी, ये रंग होंगे शुभ

जीवनशैली, डेस्क रिपोर्ट। वास्तु शास्त्र और जूते (Footwear) का रंग एक दूसरे से जुड़े होते हैं। जूते मनुष्य के  जीवनशैली का भाग है, जिसका इस्तेमाल हर दिन किया जाता है। वास्तु शास्त्र के मुताबिक गलत रंग के जूते पहनने से आपकी कुंडली में ग्रहों की दशा बदल सकती है। लोग अक्सर बिना वास्तु का ख्याल रखे किसी भी रंग के जूते पहन लेते हैं, इस बात से अनजान की इसका प्रभाव कैसा होगा। अपने सुना होगा होगा जूते और चप्पल को सीढ़ी के नीचे, ब्रह्मा स्थान और मुख्य दरवाजे के पास नहीं रखना चाहिए। वास्तु शास्त्र के मुताबिक आपके जूते और कपड़े आपके प्रगति और सफलता का कारण बन सकते हैं, लेकीन यदि इनसे जुड़ी लापरवाही की जाए तो यह आपके जीवन में बुरे प्रभाव डाल सकते हैं। तो आइए किन रंगों के जूतों से दूरी रखनी चाहिए और कौन सा जूता आपकी किस्मत चमका सकता है।

यह भी पढ़े… RBI ने किया दावा, जमाराशि पर बढ़ सकती है ब्याज दरें! महंगाई और रुपये के लिए भी कही ये बात

पीले रंग के जूते को ना पहनने

यदि आप अपने ड्रेस के साथ मैचिंग करने के लिए पीले रंग के जूते या चप्पल पहन रहे हैं तो इसे आज ही पहनना छोड़ह दे। पीला रंग बृहस्पति का प्रतीक होता है और आपके इस रंग के फुटवियर को पहनने से कुंडली में बृहस्पति की दशा बिगड़ती है और बुरे प्रभाव नजर आते हैं। वास्तु के अनुसार यदि कुंडली में बृहस्पति की दशा बुरी हो तो शारीरिक और मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। वहीं यदि आप ऑफिस जाते हैं वो भूरे रंग करे जूते धरण कर रहे हैं तो यह आपके कार्यक्षेत्र में कठिनाइयाँ खड़ी कर सकता है। इसलिए भूरे रंग की जगह डार्क ब्राउन और कॉफी रंग के जूते चप्पल पहने।

यह भी पढ़े… CCRAS Vacancy: सरकारी नौकरी का सुनहरा मौका, यहाँ कई पदों पर निकली भर्ती, जानें कैसे करें आवेदन

इन रंगों को पहनना होगा शुभ

वास्तु शास्त्र के अनुसार पीले रंग के फुटवियर के अलावा कोई भी रंग के जूते-चप्पल पहना अच्छा होता है। आप अपनी पसंद के जूते और चप्पल पहन सकते हैं। काला, सफेद, हरा, लाल और ब्लू रंग के जूते और चप्पल पहनने से कोई भी दोष नहीं होता।

Disclaimer: इस खबर का उद्देश्य केवल शिक्षित करना है। हम इन बातों का दावा नहीं करते हैं। विद्वानों से सलाह जरूर लें।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews