वरुथिनी एकादशी पर इन उपायों से माता लक्ष्मी को करें प्रसन्न, जीवन में होगा सौभाग्य का आगमन

हिंदू धर्म में वैसे तो सभी एकादशी का बहुत महत्व माना गया है। लेकिन वैशाख माह के कृष्ण पक्ष में आने वाले वरुथिनी एकादशी काफी खास है। चलिए इस दिन किए जाने वाले कुछ खास उपाय जान लेते हैं।
Varuthini Ekadashi 2026

हिंदू धर्म में एकादशी का विशेष महत्व माना गया है। इसमें वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी वरुथिनी के नाम से पहचानी जाती है। शास्त्रों में इसका महत्व काफी ज्यादा बताया गया है। ऐसा कहते हैं कि यह कन्यादान और सालों की तपस्या के समान पुण्यकारी होती है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक जो व्यक्ति इस दिन व्रत रखता है और भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की पूजा करता है उसे सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है।

अगर आप अपने जीवन में सौभाग्य लाना चाहते हैं। यह चाहते हैं कि आपके घर की तिजोरी हमेशा धन और बरकत से भरी रहे। हमेशा सुख समृद्धि और सकारात्मक वातावरण देखने को मिले तो वरुथिनी एकादशी का संयोग शुभ नक्षत्र में निर्मित हो रहा है। इस दिन आर्थिक उन्नति के द्वार खुलने वाले हैं। चलिए जान लेते हैं की माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए आप कौन से उपाय कर सकते हैं।

वरुथिनी एकादशी तिथि और मुहूर्त

अप्रैल 2026 में वरुथिनी एकादशी 13 तारीख को मनाई जाएगी। इसके व्रत का पारण 14 तारीख के सुबह होगा। इस में ब्रह्म मुहूर्त में सूर्योदय के पहले उठकर स्नान करना और पूजा करना बहुत शुभ माना गया है। स्नान करते समय अगर पानी में गंगाजल मिल लेंगे तो बेहतर होगा। इतना याद रखें कि आपको फूल है या लाल रंग के वस्त्र धारण करने हैं क्योंकि यह माता लक्ष्मी और विष्णु जी को बहुत पसंद है।

करें ये उपाय

श्रीयंत्र का अभिषेक: एकादशी के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए घर में दोनों की प्रतिमा स्थापित करें। अब आपको चांदी के सिक्के या श्री यंत्र का गाय के कच्चे दूध में गंगाजल में लाकर अभिषेक करना होगा।

अष्टलक्ष्मी की पूजा: शाम के समय घर के मंदिर में गाय के घी का 9 मुखी दीपक प्रज्वलित करें। अब आपको माता लक्ष्मी के सम्मुख बैठकर कनकधारा स्त्रोत का पाठ करना होगा। ऐसा कहते हैं कि जो व्यक्ति यह पाठ करता है उसे रुका हुआ धन वापस मिल जाता है।

जरूर करें मंत्र जाप: वरुथिनी एकादशी के दिन माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए उनके मंत्रों का जाप जरुर करें। ये आपको 108 बार करना है। इसके बाद माता की आरती करें और उनसे सुख समृद्धि का आशीर्वाद मांगे।

Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News न्यूज़ नहीं करता।

Diksha Bhanupriy
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"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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