Yogini Ekadashi 2022 : योगिनी एकादशी आज, इस विधि से करें पूजन तो पूर्ण होंगी मनोकामनाएं

Yogini Ekadashi 2022 : योगिनी एकादशी आज, इस विधि से करें पूजन तो पूर्ण होंगी मनोकामनाएं

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। Yogini Ekadashi 2022 आज योगिनी एकादशी मनाई जा रही है। आषाढ़ माह में पड़ने वाली एकादशी को योगिनी एकादशी के नाम से जानते हैं। इस एकादशी (Ekadashi) पर विधि-विधान से भगवान विष्णु (Lord Vishnu) की पूजा की जाती है। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भी इस अवसर पर बधाई दी है।

सीएम शिवराज ने ट्वीट में लिखा है कि ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नम: आपको पावन योगिनी एकादशी की हार्दिक बधाई! भगवान श्री हरि की कृपा की आप पर अनवरत वर्षा होती रहे, आप सुखी और आनंदित रहें, समस्त मनोकामनाएं पूरी हों, यही श्रीचरणों में प्रार्थना है।’ बता दें कि योगिनी एकादशी पर तिथि का शुभारंभ पंचांग के अनुसार 23 जून को रात 9 बजकर 41 मिनट से शुरू है और इसका समापन आज रात 11 बजकर 12 मिनट पर होगा। एकादशी के व्रत का पूर्ण फल तभी प्राप्त होता है, जब इसके नियमों का सही से पालन किया जाता है। मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में की गई पूजा से व्यक्ति के सभी कष्ट दूर होते हैं।

आज एकादशी व्रत के साथ सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है, इसलिए यह व्रत और विशेष हो गया है। योगिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु (Bhagwan Vishnu Aarti) और मां लक्ष्मी की पूजा और आरती (Lakshmi Mata Ki Aarti) करते हैं। पूजा के दौरान गुड़ और चने का प्रसाद चढ़ाया जाता है। साथ ही पंचामृत का भोग भी लगाया जाता है। इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर घर के मंदिर में दीप प्रज्जवलित करें। भगवान विष्णु का गंगाजल से अभिषेक कर उन्हें तुलसी अर्पित करें। भगवान विष्णु और लक्ष्मीजी की विधि विधान से पूजा कर आरती करे। पुष्प, नारियल, तुलसी, सुपारी, फूल, लौंग, धूप, दीप, घी, चंदन और मिष्ठान्न को पूजन में सम्मिलित करें।

धार्मिक मतानुसार योगिनी एकादशी का व्रत रखने से 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने जितना पुण्य प्राप्त होता है। इसी के साथ भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। श्रद्धालुओं के लिए नियम है कि आज के दिन उन्हें झूठ नहीं बोलना चाहिए। सात्विक आहार ग्रहण करने के साथ ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। जब तक व्रत पूर्ण न हो जाए अन्न ग्रहण न करें। व्रत पारण के बाद ब्राह्मण भोजन कराने के पश्चात ही अन्न ग्रहण किया जाए। इस दिन जरूरतमंदो की सहायता, सबके लिए मंगलकामना व जितना संभव हो दान करना चाहिए।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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