आप भी रखने जा रहे हैं पौष पूर्णिमा का व्रत, भूलकर भी ना करें ये गलती, पड़ सकते है लेने के देने

poush purnima

Poush Purnima 2024: हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व है। पौष माह में पड़ने वाली पूर्णिमा तिथि को पौष पूर्णिमा कहा जाता है। पौष पूर्णिमा हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण त्यौहार है। इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन मां लक्ष्मी अपने आठवें स्वरूपों के साथ पृथ्वी पर आती है और भक्तों को धन-धान्य, सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करती है।

साल 2024 की पौष पूर्णिमा 25 जनवरी यानी रविवार के दिन मनाई जाएगी। पूर्णिमा के दिन चंद्रमा की पूजा और चंद्र अर्घ्य की परंपरा है। इस दिन मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए लोग तरह-तरह के उपाय करते हैं, लेकिन जाने अनजाने में कुछ ऐसे काम भी कर जाते हैं, जिससे मां लक्ष्मी नाराज हो जाती है। इसी के चलते आज हम आपको इस लेख के द्वारा बताएंगे की पूर्णिमा के दिन क्या काम नहीं करना चाहिए, तो चलिए जानते हैं।

पौष पूर्णिमा के दिन क्या काम नहीं करना चाहिए

शाम के बाद झाड़ू न लगाएं

पौष पूर्णिमा के दिन विशेष तौर पर मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। ऐसी मान्यता है कि शाम के बाद झाड़ू लगाने से मां लक्ष्मी का अपमान होता है। वैसे तो किसी भी दिन शाम के बाद घर में झाड़ू नहीं लगानी चाहिए। ऐसा करने से मां लक्ष्मी घर से चली जाती है।

तामसिक भोजन न करें

मां लक्ष्मी को सात्विक भोजन ही पसंद है। अगर आप चाहते हैं की मां लक्ष्मी की कृपा आप पर हमेशा बनी रहे, तो भूलकर भी इस दिन तामसिक भोजन जैसे मांस, मदिरा, लहसुन, प्याज आदि का सेवन न करें।

वाद विवाद न करें

पौष पूर्णिमा के दिन माता-पिता या बुजुर्गों से वाद विवाद बिल्कुल ना करें। ऐसा करने से चंद्र दोष लग सकता है। जिस वजह से घर में धन-धान्य की हानि हो सकती है।

घर में अंधकार ना रखें

घर में अंधकार रखने से नकारात्मक ऊर्जा रहती है। इसलिए शाम के समय घर में एक दिया या लाइट जरूर लगाएं। ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और मां लक्ष्मी भी घर में खुशी-खुशी प्रवेश करती हैं।

दान मांगने वालों को भगाए नहीं

पौष पूर्णिमा के दिन अगर आपके घर कोई दान मांगने के लिए आता है तो उसे भगाए नहीं बल्कि दान अवश्य दें। ऐसा करने से पुण्य मिलता है और मां लक्ष्मी प्रसन्न होती है।

(डिस्क्लेमर : ये लेख विभिन्न धार्मिक स्त्रोतों से प्राप्त जानकारियों के आधार पर लिखा गया है। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।)

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ समाज तक पहुंचाने का माध्यम है। तथ्यों की पड़ताल, महत्वपूर्ण मुद्दों को समझना और निष्पक्ष खबरों के जरिए लोगों की आवाज़ बनना मेरी पत्रकारिता की पहचान है। View all posts by Bhawna Choubey →
Follow Us :GoogleNews