रीवा लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई, डिपो प्रबंधक रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार

रिश्वत

रीवा, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के रीवा में लोकायुक्त (Rewa Lokayukta) ने बड़ी कार्रवाई की है। यहां लोकायुक्त एसपी ने पाठ्य पुस्तक निगम के डिपो प्रबंधक को 30 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया गया है।आरोप है कि अधिकारी ने फरियादी से 7th Pay Commission और द्वितीय क्रमोन्नति का लाभ देने के मामले में 30 हजार की रिश्वत की मांग की गई थी। कार्रवाई के बाद निगम में हड़कंप मच गया है।यह एक हफ्ते में दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले रीवा में लोकायुक्‍त की टीम ने 6 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए वनरक्षक को पकड़ा था।

यह भी पढ़े.. MP Open Board Exams: 10वीं-12वीं की परीक्षाओं का शेड्यूल जारी, जानें कब कौन-सा पेपर

मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस अधीक्षक  गोपाल सिंह धाकड़ के मार्गदर्शन में आज शुक्रवार 26 नवबंर 2021 को आरोपी आरसी मिश्रा डिपो प्रबंधक पाठ्य पुस्तक निगम रीवा को 30,000/- रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। आरोपी राहुल खरे सहायक वित्त अधिकारी मध्य प्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम भोपाल एवं आर सी मिश्रा प्रबंधक पाठ्य पुस्तक निगम रीवा द्वारा संयुक्त रुप से शिकायतकर्ता नरेंद्र कुमार मिश्रा निवासी वार्ड नंबर 15 संजय नगर जिला रीवा को सातवें वेतनमान का लाभ और सितंबर 2017 से द्वितीय क्रमोन्नति (second promotion)का लाभ दिए जाने व 1,50, 0000 रुपए के बिल भुगतान किए जाने के एवज में ₹200000 की मांग की गई थी जिसमें से ₹1,70000 पूर्व में लिए जा चुके हैं और शेष 30,000/ रुपए और रिश्वत की मांग की गई ।

यह भी पढ़े.. Black Friday Sale 2021: मोबाइल-लैपटॉप पर शानदार ऑफर्स, एपल डिवाइस पर भी भारी छूट

आज दिनांक 26-11-2021 को आर सी मिश्रा डिपो प्रबंधक पाठ्य पुस्तक निगम रीवा को ₹30000 रुपए की रिश्वत शिकायतकर्ता से लेते हुए रंगे हाथ ट्रेप किया गया है । यह ट्रेप कार्यवाही प्रवीण सिंह परिहार उप पुलिस अधीक्षक द्वारा निरीक्षक प्रमेंद्र कुमार, उपनिरीक्षक आकांक्षा पांडे, प्रधान आरक्षक मुकेश मिश्रा , पवन पांडेय, धर्मेंद्र जायसवाल , प्रेम सिंह लवलेस पांडे शाहिद खान सहित करीब 15 सदस्यीय दल के साथ मिल कर कार्रवाई की गई है। कार्रवाई अभी जारी है

Pooja Khodani
लेखक के बारे में
Pooja Khodani

12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
Follow Us :GoogleNews