
मध्य प्रदेश के सागर जिले के नेशनल हाईवे-44 पर गुरुचौपड़ा के पास बरकोटी के जंगल में सोमवार को एक घायल बाघ सड़क किनारे बैठा हुआ दिखाई दिया।
दरअसल इस तरह खुलेआम सड़क किनारे घायल अवस्था में बाघ को बैठा देखकर वहां से गुजरने वाले राहगीरों और आसपास के लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। लोगों की भीड़ को देखकर बाघ वहां से हटकर पत्थरों के पीछे छिप गया।
ठीक से चल नहीं पा रहा था बाघ
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बाघ की हालत काफी कमजोर लग रही थी और वह ठीक से चल भी नहीं पा रहा था। उसके पैरों में किसी गंभीर चोट के होने की आशंका जताई जा रही है।
दरअसल जब लोगों की चहल-पहल बहुत ज्यादा बढ़ गई, तो बाघ छिपने की कोशिश करते हुए पास ही एक पेड़ की ठंडी छांव में जाकर बैठ गया। ग्रामीणों ने समझदारी दिखाते हुए तुरंत इसकी खबर स्थानीय पुलिस और वन विभाग को दी।
सूचना मिलते ही हरकत में आया वन विभाग
वन विभाग को जैसे ही इस बात की जानकारी मिली वैसे ही गौरझामर वन परिक्षेत्र की पूरी टीम फौरन मौके पर पहुंच गई। हालात की गंभीरता को देखते हुए बड़े अफसरों को भी इसकी सूचना दी गई। घायल बाघ को सुरक्षित तरीके से पकड़ने और उसका इलाज कराने के लिए वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व से खास रेस्क्यू दल को बुलाया गया है। वन विभाग की टीम ने चारों तरफ से घेराबंदी करके रेस्क्यू का काम शुरू कर दिया है।
तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने का अंदेशा
यह घटना जिस जगह पर हुई है वहां से नेशनल हाईवे-44 गुजरता है और सड़क के दोनों तरफ बहुत घना जंगल है, जहां जंगली जानवरों का आना-जाना लगा रहता है। आशंका जताई जा रही है कि जब बाघ सड़क पार कर रहा होगा तभी किसी तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी होगी। हालांकि वन विभाग के अधिकारियों ने अभी तक इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

