
ऑस्ट्रेलिया के स्टार ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल अब इंटरनेशनल क्रिकेट में नजर नहीं आएंगे। दरअसल उन्होंने टी-20 इंटरनेशनल से संन्यास का ऐलान कर दिया है। इससे पहले वह जून 2025 में वनडे क्रिकेट को अलविदा कह चुके थे। मैक्सवेल ने T20I के अलावा फर्स्ट-क्लास और लिस्ट-A क्रिकेट से भी संन्यास ले लिया है। हालांकि वह बिग बैश लीग में मेलबर्न स्टार्स के लिए खेलना जारी रखेंगे। बता दें कि उनका कॉन्ट्रैक्ट 2027-28 सीजन तक है।
दरअसल मैक्सवेल ने आखिरी इंटरनेशनल मैच फरवरी में ओमान के खिलाफ टी-20 वर्ल्ड कप में खेला था। मैक्सवेल ने 2012 में पाकिस्तान के खिलाफ T20I डेब्यू किया था। इस फॉर्मेट में उन्होंने 130 मैच खेले और 2,897 रन बनाए। वह ऑस्ट्रेलिया के लिए टी-20 इंटरनेशनल में तीसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। उनके नाम पांच शतक भी दर्ज हैं। मैक्सवेल ने सिर्फ इंटरनेशनल क्रिकेट ही नहीं, बल्कि फर्स्ट-क्लास और लिस्ट-A क्रिकेट से भी संन्यास लिया है।
ग्लेन मैक्सवेल के करियर पर डालें नजर
ग्लेन मैक्सवेल ने साल 2012 में पाकिस्तान के खिलाफ अपना टी-20 इंटरनेशनल करियर शुरू किया था। इसके बाद उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए इस फॉर्मेट में 130 मुकाबले खेले। उनके खाते में 2,897 रन हैं और वह ऑस्ट्रेलिया के तीसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले T20I बल्लेबाज हैं। इस दौरान उन्होंने पांच शतक लगाए। बता दें कि टी-20 इंटरनेशनल में भारत के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के नाम भी पांच शतक दर्ज हैं।
ग्लेन मैक्सवेल अपनी तेज बल्लेबाजी और मैच का रुख बदलने की क्षमता के लिए जाने जाते रहे हैं। वह जरूरत के हिसाब से बल्लेबाजी क्रम में अलग-अलग जगह खेल सकते थे और ऑफ स्पिन गेंदबाजी से भी टीम को मदद देते थे। उनके करियर में कई ऐसी पारियां रहीं, जिनमें उन्होंने कम समय में तेजी से रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। टी-20 के अलावा मैक्सवेल ने ऑस्ट्रेलिया के लिए सात टेस्ट मैच भी खेले। इनमें उन्होंने 339 रन बनाए। उनका एकमात्र टेस्ट शतक 2017 में भारत के खिलाफ रांची में आया था। वनडे क्रिकेट से उन्होंने जून 2025 में संन्यास ले लिया था। अब T20I छोड़ने के साथ उनका इंटरनेशनल करियर भी खत्म हो गया है।
ग्लेन मैक्सवेल बोले – ‘टीम मैनेजमेंट की ओर से कोई दबाव नहीं था’
वहीं ग्लेन मैक्सवेल ने बताया कि उनके क्रिकेट भविष्य को लेकर कुछ समय से बातचीत चल रही थी। ‘द फाइनल वर्ड’ पॉडकास्ट में उन्होंने कहा कि टी-20 वर्ल्ड कप से पहले और टूर्नामेंट के बाद भी इस बारे में चर्चा हुई थी। उन्होंने साफ किया कि टीम मैनेजमेंट की तरफ से उन पर संन्यास लेने का कोई दबाव नहीं था। वापसी का रास्ता खुला रखा गया था लेकिन टीम कुछ सीरीज में नए खिलाड़ियों को मौका देना चाहती थी। मैक्सवेल ने बांग्लादेश दौरे का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां नए खिलाड़ियों को मौका मिला और उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया। ऐसे में टीम के लिए आगे बढ़ने का रास्ता साफ हुआ। उनके मुताबिक, यह फैसला अचानक नहीं लिया गया, बल्कि भविष्य की योजनाओं और टीम की जरूरतों को ध्यान में रखकर इस पर बातचीत हुई थी।
ग्लेन मैक्सवेल ने यह भी बताया कि पिछले 15 साल से टी-20 फॉर्मेट उनके लिए घर जैसा रहा है। इसलिए वह इस सफर का अंत किसी यादगार मुकाबले के साथ करना चाहते थे। इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले व्हाइट-बॉल दौरे में मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) पर टी-20 मैच खेला जाना है। मैक्सवेल को उम्मीद थी कि उन्हें अपने घरेलू मैदान पर विदाई मैच खेलने का मौका मिल सकता है।
4 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

