
मध्य प्रदेश के सागर जिले के देवरी इलाके में दीपावली के मौके पर अवैध रूप से पटाखों के भंडारण और बिक्री के खिलाफ जब पुलिस अपनी कार्रवाई करने उतरी तो अचानक माहौल पूरी तरह से तनावपूर्ण हो गया और थाने के बाहर हंगामा मच गया।
दरअसल पुलिस ने जांच के नाम पर एक पटाखा व्यापारी और स्थानीय बीजेपी कार्यकर्ता सुधीर बजाज को पूछताछ के लिए थाने उठा लिया था जिसके बाद से राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है।
पूछताछ के लिए व्यापारी को थाने लाने पर भड़के कार्यकर्ता
जैसे ही पुलिस द्वारा बीजेपी कार्यकर्ता और व्यापारी सुधीर बजाज को थाने ले जाए जाने की खबर पार्टी के दूसरे लोगों को लगी वे तुरंत विरोध जताने के लिए थाने पहुंच गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए देवरी के बीजेपी विधायक बृजबिहारी पटेरिया भी देर रात सीधे थाने जा पहुंचे। उन्होंने पुलिस की इस तरह की अचानक की गई कार्रवाई पर अपनी कड़ी नाराजगी जाहिर की और वरिष्ठ अधिकारियों से फोन पर बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी ली।
विधायक बृजबिहारी पटेरिया ने की पुलिस कार्रवाई की तीखी आलोचना
थाने पहुंचने के बाद विधायक बृजबिहारी पटेरिया ने पुलिस के रवैये पर सवाल खड़े किए और कार्यकर्ताओं के साथ खड़े नजर आए। विधायक ने मीडिया से बातचीत में साफ कहा कि पुलिस के पास अगर कोई पुख्ता जानकारी थी भी, तो कार्रवाई से पहले व्यक्ति का पुराना रिकॉर्ड और पूरी स्थिति देखनी चाहिए थी। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि पार्टी के किसी भी छोटे या बड़े कार्यकर्ता के साथ इस तरह का गलत बर्ताव बिल्कुल भी सहन नहीं किया जाएगा।
वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा के बाद घर भेजे गए सुधीर बजाज
विधायक के हस्तक्षेप और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लंबी बातचीत के बाद आखिरकार इस मामले में बीच का रास्ता निकला और राहत की खबर आई। विधायक और पुलिस अधिकारियों के बीच हुई चर्चा के बाद हिरासत में लिए गए सुधीर बजाज को थाने से सकुशल उनके घर भेज दिया गया। हालांकि उनके घर जाने के बाद भी काफी देर तक थाने के बाहर स्थानीय लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं का भारी जमावड़ा लगा रहा।
बीजेपी नेताओं का गंभीर आरोप
इस पूरी घटना के बाद स्थानीय बीजेपी नेताओं और पुलिस प्रशासन के बीच खींचतान काफी ज्यादा बढ़ गई है, जिससे विवाद गहराता जा रहा है। बीजेपी नेताओं ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पुलिस कुछ चुनिंदा लोगों को जानबूझकर टारगेट कर रही है और उन्हें समाज में बदनाम करने की कोशिश कर रही है। उनका कहना है कि कार्रवाई सिर्फ तय नियमों के तहत होनी चाहिए।

