चाइनीज मांझे का कहर फिर जारी, बुधनी में बाइक सवार गंभीर रूप से घायल

मध्य प्रदेश में पतंग के खतरनाक मांझे का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। सीहोर जिले के बुधनी में ड्यूटी पर जा रहे एक बाइक सवार का मांझे से गला कट गया। हेलमेट पहनने के बावजूद युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और अब अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा है।
Chinese Manjha

मध्य प्रदेश में एक बार फिर पतंग के मांझे ने इंसानी जिंदगी पर गहरा घाव छोड़ दिया है। सीहोर जिले के बुधनी नगर में एक सामान्य सुबह उस समय भयावह बन गई, जब रोज की तरह ड्यूटी पर जा रहा एक युवक अचानक सड़क पर जानलेवा हादसे का शिकार हो गया। माना क्षेत्र के नयन गार्डन के पास सड़क पर फैले पतंग के मांझे ने बाइक सवार के गले पर ऐसा वार किया कि कुछ ही सेकंड में खून की धार बहने लगी। सड़क पर गिरा खून और युवक की तड़पती हालत देखकर हर कोई सन्न रह गया। यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि आखिर प्रतिबंधों और चेतावनियों के बावजूद पतंग का मांझा लोगों की जान का दुश्मन क्यों बना हुआ है।

पतंग के मांझे से गला कटने का खौफनाक हादसा

इस हादसे में घायल युवक की पहचान 43 वर्षीय सुखदेव के रूप में हुई है। सुखदेव एक अन्य व्यक्ति के साथ बाइक से अपनी ड्यूटी पर जा रहे थे। रास्ता उन्हें पूरी तरह सुरक्षित लग रहा था, लेकिन सड़क पर फैला एक पतला सा मांझा मौत का फंदा बनकर उनका इंतजार कर रहा था।

जैसे ही बाइक आगे बढ़ी, पतंग का मांझा अचानक सुखदेव के गले में फंस गया। तेज झटके के साथ मांझे की धार ने गले को काट दिया। घटना इतनी अचानक हुई कि बाइक संभालने का भी मौका नहीं मिला। कुछ ही पलों में युवक खून से लथपथ हो गया और सड़क पर अफरा-तफरी मच गई। यह दृश्य इतना डरावना था कि आसपास से गुजर रहे लोग भी सहम गए।

हेलमेट भी नहीं दे सका पूरी सुरक्षा

सुखदेव वर्मा ने बाद में बताया कि उन्होंने हेलमेट पहन रखा था, लेकिन इसके बावजूद वह पूरी तरह सुरक्षित नहीं रह सके। हेलमेट की नीचे बंधी बद्दी पतंग के मांझे की तेज धार को सहन नहीं कर पाई। बद्दी कटते ही मांझा सीधे गले से टकराया और गहरी चोट लग गई।

आम तौर पर लोग मानते हैं कि हेलमेट पहनने से सिर और गर्दन पूरी तरह सुरक्षित रहती है, लेकिन मांझे जैसे नुकीले और धारदार खतरे के सामने हेलमेट भी कई बार बेबस साबित हो जाता है। कुछ ही सेकंड में अत्यधिक खून बहना शुरू हो गया।

लोगों की तत्परता से बची जान

हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों और परिजनों ने इंसानियत की मिसाल पेश की। किसी ने भी समय गंवाने की कोशिश नहीं की। घायल सुखदेव को तुरंत निजी मधुबन अस्पताल ले जाया गया। रास्ते भर उनकी हालत बेहद नाजुक बनी रही और हर पल डर बना रहा कि कहीं कुछ अनहोनी न हो जाए।

अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने बिना देर किए इलाज शुरू किया। चिकित्सकों के अनुसार, अगर कुछ मिनट की भी देरी हो जाती तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी। गले में लगी चोट गहरी थी और खून का बहाव काफी ज्यादा था। समय पर अस्पताल पहुंचना ही सुखदेव की जान बचाने में सबसे बड़ा कारण बना।

एमपी में पतंग का मांझा बनता जा रहा जानलेवा खतरा

मध्य प्रदेश में यह कोई पहला मामला नहीं है। हर साल पतंगबाजी के मौसम में ऐसे हादसे सामने आते हैं, जिनमें राह चलते लोग, बाइक सवार, बच्चे और यहां तक कि पक्षी भी मांझे का शिकार बनते हैं। प्रतिबंध के बावजूद कई जगहों पर चोरी-छिपे चाइनीज मांझा और कांच से लेपित मांझा इस्तेमाल किया जा रहा है।

यह मांझा न केवल इंसानों के लिए, बल्कि पशु-पक्षियों के लिए भी बेहद खतरनाक साबित हो रहा है। कई बार गले, हाथ और चेहरे पर गंभीर कट लगने से लोगों की जान तक चली जाती है। प्रशासन समय-समय पर कार्रवाई की बात करता है, लेकिन जमीनी स्तर पर लापरवाही साफ दिखाई देती है।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
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