
श्योपुर । कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए सरकार द्वारा दिया जा रहा सन्देश का असर गांवों में देखने को मिल रहा है| जहां लोग स्वयं अपनी सुरक्षा कर रहे हैं| मामला श्योपुर जिले से है, जहां मेवाती समाज ने अनूठी पहल करते हुए गांवों में रह रहे लोगों को शहर में जाने पर रोक लगा दी है| इसका उल्लंघन करने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा जो ग्रामीण शहर में रह रहे हैं वह ऐसे हालातों में फिलहाल गांव भी नहीं आएं। मेवाती समाज की पंचायत का फरमान नहीं मानने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। समाज के अध्यक्ष अहमद भाई उर्फ एमू भाई ने मोबाइल पर ही वरिष्ठजनों से चर्चा के बाद इस बात का एलान किया कि गांव में रह रहे मेवाती समाज के लोग अनावश्यक काम से शहर नहीं आएंगे, न ही शहर के लोग रिश्तेदारी में गांव जाएंगे।
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Gaurav Sharma
निदेशक और संपादक
पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है।
इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →

