प्रोजेक्ट चीता को फिर लगा बड़ा झटका, कूनो में चीता गौरव की मौत, अब देश में बचे सिर्फ 55 चीते

अभी कुछ दिन पहले ही कूनो में नए शावकों के जन्म की खुशी मनाई जा रही थी, लेकिन अब यहाँ से एक बुरी खबर आई है। नामीबिया से लाए गए चीते 'गौरव' ने कमजोरी के चलते दम तोड़ दिया है।
कूनो में चीता गौरव की मौत

मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जिसने वन्यजीव प्रेमियों को निराश कर दिया है। यहाँ ‘प्रोजेक्ट चीता’ के तहत नामीबिया से लाए गए 10 साल के चीते ‘गौरव’ की मौत हो गई है। इस घटना को कूनो प्रबंधन के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

दरअसल, चीता गौरव पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहा था और उसकी तबीयत बिल्कुल ठीक नहीं थी। उसे काफी कमजोर हालत में रेस्क्यू किया गया था। डॉक्टरों की टीम लगातार उसका इलाज कर रही थी और उसे बचाने की पूरी कोशिश की गई, लेकिन इसके बावजूद सोमवार की शाम उसने दम तोड़ दिया।

कमजोर हालत में मिला था गौरव

चीता गौरव 12 सितंबर को जंगल में काफी सुस्त और कमजोर हालत में मिला था। उसके शरीर में पानी की भारी कमी थी और मांसपेशियां भी कमजोर हो गई थीं। इसके बाद उसे तुरंत रेस्क्यू करके पालपुर के क्वारंटीन बोमा में रखा गया, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके।

रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगी वजह

चीते की मौत की असली वजह क्या है, यह पोस्टमार्टम और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा। आपको बता दें कि प्रधानमंत्री की पहल पर 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से 8 चीते लाकर भारत में ‘प्रोजेक्ट चीता’ की शुरुआत की गई थी।

अब देश में बचे 55 चीते

अभी 18 सितंबर को ही भारत में जन्मी मादा चीता ने चार स्वस्थ शावकों को जन्म दिया था, जिससे चीतों की कुल संख्या 56 हो गई थी। लेकिन अब गौरव की मौत के बाद भारत में 55 चीते ही बचे हैं। इनमें से 51 चीते कूनो में मौजूद हैं।

Bhawna Choubey
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