बैगा आदिवासी युवक से मारपीट का मामला, पीड़ित को खाट पर लेकर पुलिस चौकी पर प्रदर्शन, आरोपी वनकर्मी पर एफआईआर की मांग 

पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने कहा यह सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के प्रति सरकार की असंवेदनशील सोच को उजागर करता है। भाजपा सरकार बताए कि कानून सबके लिए समान है या आदिवासियों के लिए अलग।
Protest against assault on Baiga tribal youth

Protest against assault on Baiga tribal youth

सिंगरौली जिले की ग्राम पंचायत गोभा में आदिवासी बैगा समुदाय के लालजी बैगा के साथ मारपीट का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। शुक्रवार को जिला पंचायत सदस्य, कांग्रेस के कई नेता और स्थानीय ग्रामीण गोभा पुलिस चौकी पहुंचे और आरोपी वनकर्मी सुनील कुमार बुनकर के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज करने की मांग की।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि लालजी बैगा जंगल की जमीन पर खेती करता था, जिससे नाराज होकर वन कर्मी  ने उसे बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा। इस मारपीट में युवक का एक हाथ फ्रैक्चर हो गया और शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। लेकिन शिकायत के बाद भी पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं कर रही है।

प्रदर्शन के दौरान नशे में पहुंचा आरोपी वनकर्मी 

प्रदर्शन के दौरान स्थिति तब और गंभीर हो गई जब आरोपी वनकर्मी शराब के नशे में पुलिस चौकी पहुंच गया। नशे में चौकी पहुंचे वनकर्मी का वीडियो स्थानीय लोगों ने बना लिया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो के सामने आने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश और बढ़ गया।

पुलिस बोली जांच के बाद होगी कार्रवाई 

प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव कर आरोपी वनकर्मी को चौकी परिसर से हटाया। पुलिस का कहना है कि प्रकरण की जांच जारी है। हालांकि, वायरल वीडियो और गंभीर आरोपों के बावजूद अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। पुलिस ने केवल कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने जताया रोष , सरकार पर लगाये आरोप 

वहीं, पीड़ित आदिवासी परिवार और स्थानीय लोग कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दे रहे हैं। मामला सामाजिक और कानूनी रूप से संवेदनशील होने के कारण जिले में इसे लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है। उधर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने घटना पर रोष जताया है, प्रदेश अध्यक्ष जीतू  पटवारी, पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल, विधायक विक्रांत भूरिया ने सरकार पर अत्याचार के आरोप लगाये हैं और X पर घटना की निंदा की है ।

राघवेंद्र सिंह गहरवार की  रिपोर्ट

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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