लापरवाह शिक्षक की शिकायत जनसुनवाई में, जांच के बाद कलेक्टर ने किया निलंबित 

18 जून को जिला शिक्षा केंद्र की टीम के आकस्मिक निरीक्षण में शिक्षक बिना पूर्व अनुमति और अवकाश स्वीकृत कराए अनुपस्थित मिले।
DEO Office Singrauli

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सिंगरौली कलेक्टर की जनसुनवाई में प्राप्त शिकायत के बाद शासकीय माध्यमिक विद्यालय खैराबड़ा में पदस्थ प्राथमिक शिक्षक आशुतोष कुमार पाठक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। कलेक्टर गौरव बैनल के अनुमोदन के बाद जिला शिक्षा अधिकारी कविता त्रिपाठी ने निलंबन आदेश जारी किया। निलंबन अवधि में शिक्षक का मुख्यालय शासकीय उत्कृष्ट माध्यमिक विद्यालय माड़ा, विकासखंड बैढ़न निर्धारित किया गया है।

जानकारी के अनुसार शिक्षक के नियमित रूप से विद्यालय नहीं पहुंचने और विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने की शिकायत जनसुनवाई में मिली थी। कलेक्टर के निर्देश पर जिला परियोजना समन्वयक रामलखन शुक्ला द्वारा कराई गई जांच में शिकायत सही पाई गई। 18 जून को जिला शिक्षा केंद्र की टीम के आकस्मिक निरीक्षण में शिक्षक बिना पूर्व अनुमति और अवकाश स्वीकृत कराए अनुपस्थित मिले।

जाँच में मिलीं कई अनियमिततायें 

निरीक्षण के दौरान कक्षा-1 में नामांकन शून्य पाया गया और निरीक्षण के दिन एक भी छात्र उपस्थित नहीं था। उपस्थिति पंजी सहित अन्य आवश्यक अभिलेख भी अपडेट नहीं मिले। पिछले वित्तीय वर्ष में मरम्मत कार्य के लिए प्राप्त 1.80 लाख रुपये की राशि का उपयोग नहीं किया गया था। विद्यालय परिसर में गंदगी, भवन की पुताई नहीं होने और पेयजल टंकी की सफाई नहीं कराए जाने जैसी कमियां भी सामने आईं। जांच के दौरान प्राथमिक शिक्षिका सृष्टि लोधी के विरुद्ध अभद्र व्यवहार की शिकायत की जानकारी भी अधिकारियों को मिली।

कारण बताओ नोटिस में नहीं मिला संतोषजनक जवाब 

जिला शिक्षा अधिकारी कविता त्रिपाठी के अनुसार शिक्षक को पूर्व में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन जवाब संतोषजनक नहीं मिला। जवाब असंतोषजनक पाए जाने पर संबंधित नियमों के तहत प्राथमिक शिक्षक आशुतोष कुमार पाठक को  तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की कार्रवाई की गई।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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