साइबर हमलों की आशंका के बीच, सरकार ने Airtel, Jio, BSNL, Vi को दिया आदेश, नेटवर्क सुरक्षा करें सख्त

भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर सरकार ने टेलीकॉम कंपनियों के लिए नया आदेश जारी किया है। दरअसल, टेलीकॉम ऑपरेटरों को अब नेटवर्क कनेक्टिविटी को बेहतर और सुरक्षित करने के निर्देश सरकार की ओर से मिले हैं।
साइबर हमलों की आशंका के बीच, सरकार ने Airtel, Jio, BSNL, Vi को दिया आदेश, नेटवर्क सुरक्षा करें सख्त

इस समय भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव का माहौल है। पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने एयर स्ट्राइक कर पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। इसी विषय को देखते हुए सरकार की ओर से दूरसंचार विभाग ने सभी प्राइवेट और सरकारी टेलीकॉम कंपनियों को आपदा स्तर की तैयारी सुनिश्चित करने के लिए आदेश जारी कर दिए। साथ ही दूरसंचार विभाग ने टेलीकॉम कंपनियों को नेटवर्क को और सुरक्षित करने के आदेश भी दिए हैं। हाल ही में यह बात भी सामने आई है कि पाकिस्तान की ओर से साइबर अटैक की कोशिश की जा रही है। ऐसे में खास तौर पर संभावित साइबर अटैक खतरे को देखते हुए डॉट द्वारा ये निर्देश दिए गए हैं।

दरअसल, मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट की मानें तो संचार मंत्रालय की तरफ से जारी आदेश में टेलीकॉम ऑपरेटर जैसे एयरटेल, जिओ, बीएसएनएल और वी को निर्बाध कनेक्टिविटी बनाए रखने और नेटवर्क संचालन की मजबूती के लिए एक साथ समन्वय करने का आदेश जारी किया गया है।

जानिए क्यों दिए गए आदेश

बता दें कि हाल ही में भारत ने ऑपरेशन सिंधु लॉन्च किया था। इसके बाद कई बैठकें की गईं, जिनमें टेलीकॉम कंपनियों को खास तौर पर बॉर्डर एरिया में विशेष ध्यान देने की बात कही गई। इसके अलावा, बुनियादी ढांचे और प्रतिष्ठानों की एक अपडेटेड लिस्ट बनाने के लिए भी जानकारी दी गई है ताकि आपात स्थिति में उनकी सुरक्षा और निरंतर कार्य क्षमता सुनिश्चित की जा सके। डॉट ने अपने आदेश में यह निर्देश भी दिया है कि 2020 के स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर का कड़ाई से पालन किया जाए और इस प्रोसीजर को तत्काल प्रभाव से माना जाए और आवश्यक कार्रवाई भी की जाए।

कैसे किया जाएगा नेटवर्क को मजबूत?

इसके अलावा, सभी LSA प्रमुखों को भी आदेश मिले हैं कि वे राज्य सरकारों के साथ बात करें और इमरजेंसी की स्थिति में लॉजिस्टिक्स के मूवमेंट को भी आसान बनाएं और नेटवर्क की सुरक्षा को सुनिश्चित करें। दरअसल, आपदा के समय में टेलीकॉम कंपनियों द्वारा इंट्रा-सर्कल रोमिंग सर्विस को शुरू किया जाता है जिससे नेटवर्क कनेक्टिविटी में यूजर्स को दिक्कत नहीं आए। पिछले साल उड़ीसा में आए चक्रवाती तूफान के समय भी इसी तरह से काम किया गया था और नेटवर्क को मजबूत किया गया था। इंट्रा-सर्कल रोमिंग आने पर, नेटवर्क नहीं होने की स्थिति में आपदा के समय यूजर्स किसी भी टेलीकॉम ऑपरेटर का नेटवर्क इस्तेमाल करके अपने नंबर से कॉल कर सकते हैं।

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Rishabh Namdev

4 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev →
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