WhatsApp पर आया नया फीचर, यूजर्स बिना नाम के बना पाएंगे ग्रुप, मार्क जुकरबर्ग ने किया ऐलान, ऐसे करेगा काम

WhatsApp पर आया नया फीचर, यूजर्स बिना नाम के बना पाएंगे ग्रुप, मार्क जुकरबर्ग ने किया ऐलान, ऐसे करेगा काम

WhatsApp New Feature: व्हाट्सऐप का इस्तेमाल 2 बिलियन से अधिक यूजर्स वर्तमान में कर रहे हैं। मेटा के स्वामित्व के अंतर्गत आने वाला यह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन की सुविधा प्रदान करता है। कंपनी अक्सर यूजर्स के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए नए-नए अपडेट्स करती रहती है। मेटा के सीईओ मार्क ज़ुकरबर्ग ने नए फीचर की घोषणा कर दी है। अब यूजर्स बिना नाम के आसानी से ग्रुप क्रीएट कर सकते हैं।

मार्क ज़ुकरबर्ग ने किया ऐलान

मार्क जुकरबर्ग ने फेसबुक पर एक पोस्ट साझा किया है। जिसमें उन्होनें Nameless ग्रुप फीचर की घोषणा कर दी है। तस्वीर में व्हाट्सऐप में ग्रुप के मेंबर्स का नाम भी दिख रहा है। इस फीचर के तहत यूजर्स आसानी से जल्द-से-जल्द ग्रुप चैट शुरू कर सकते हैं। इसके लिए किसी नाम को सोचने में समय बर्बाद नहीं करना होगा। हालांकि यह सुविधा केवल 6 सदस्यों वाले ग्रुप के लिए उपलब्ध होगी। इस सुविधा के जरिए सभी यूजर्स के लिए ग्रुप का नाम अलग -अलग होगा।

सुरक्षा पर नहीं होगा खतरा

यदि आप किसी ग्रुप से जुडते हैं, जिसमें ऐसे कॉन्टैक्टस मौजूद होंगे जिनके पास आपका नंबर सेव नहीं है। तो इस स्थिति में आपका फोन नंबर ग्रुप के नाम में अन्य मेंबर्स को दिखेगा। इस तरीके से यूजर्स की प्राइवसी भी बनी रहेगी। व्हाट्सऐप जल्द ही इस फीचर को रोल आउट कर सकता है। बता दें कि कंपनी वर्तमान में कई अन्य फीचर्स पर भी काम कर रही है। वहीं इस साल कई अपडेट्स आ चुके हैं।

Manisha Kumari Pandey
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पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
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