YouTube : यूट्यूब ने अपने ‘Content Recommendation System’ को किया अपडेट, अब युवाओं को risky content से इस तरह रखेगा सुरक्षित

YouTube ने घोषणा की है कि वह अपनी Content Recommendation System को अपडेट कर रहा है ताकि किशोरों को विशेष रूप से फिटनेस स्तर, शरीर के वजन, सामाजिक आक्रामकता, और शारीरिक विशेषताओं पर केंद्रित सामग्री के बार-बार संपर्क से बचाया जा सके।
YouTube : यूट्यूब ने अपने ‘Content Recommendation System’ को किया अपडेट, अब युवाओं को risky content से इस तरह रखेगा सुरक्षित

YouTube ने युवा उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के लिए अपने ऐप और प्लेटफ़ॉर्म अनुभव में महत्वपूर्ण बदलाव करने का निर्णय लिया है। दरअसल इन परिवर्तनों का उद्देश्य युवाओं को संभावित risky content से सुरक्षित रखना है। आइए जानते हैं इन परिवर्तनों के बारे में विस्तार से।

सामग्री अनुशंसा प्रणाली में बदलाव:

दरअसल YouTube ने घोषणा की है कि वह अपनी Content Recommendation System को अपडेट कर रहा है ताकि किशोरों को विशेष रूप से फिटनेस स्तर, शरीर के वजन, सामाजिक आक्रामकता, और शारीरिक विशेषताओं पर केंद्रित सामग्री के बार-बार संपर्क से बचाया जा सके। वहीं इसके लिए Google की मशीन लर्निंग तकनीक का उपयोग भी किया जा रहा है। यह अद्यतन लंबी और छोटी दोनों प्रकार की वीडियो सामग्री पर लागू होगा।

विशेषज्ञों की सलाह:

वहीं YouTube ने यह निर्णय बाहरी सलाहकारों और विशेषज्ञों से प्राप्त सीख के आधार पर लिया है। हालांकि, ऐसी सामग्री प्लेटफ़ॉर्म पर अनुमति प्राप्त है, लेकिन इसके निरंतर संपर्क से युवाओं पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए, अनुशंसा प्रणाली को सुधारते हुए, YouTube ने एक सकारात्मक कदम उठाया है।

डिजिटल वेलनेस रिमाइंडर और सोने के समय की सूचनाएँ:

जानकारी के अनुसार YouTube अपने डिजिटल वेलनेस रिमाइंडर और सोने के समय की सूचनाओं का विस्तार कर रहा है। दरअसल इसका उद्देश्य किशोरों को कंटेंट स्क्रॉल करते समय उचित सीमाएँ निर्धारित करने में मदद करना है। इन रिमाइंडरों के माध्यम से उपयोगकर्ताओं को ब्रेक लेने की याद दिलाई जाएगी और वे अपने डिजिटल समय को अधिक स्वस्थ तरीके से प्रबंधित कर सकेंगे।

संकट की स्थिति में ‘विराम पृष्ठ’:

वहीं YouTube ने आत्महत्या जैसी संवेदनशील सामग्री देखने पर एक ”break page” पॉप अप करने की योजना बनाई है। यह पेज उपयोगकर्ताओं को आवश्यक संसाधनों तक आसान पहुंच प्रदान करेगा, जिससे संकट की स्थिति में उन्हें मदद मिल सकेगी।

दरअसल YouTube का एक Dedicated किड्स ऐप है जो “उच्चतम मानकों” का पालन करता है, जिसमें वीडियो की अनुमति दी जाती है। इसके अलावा, मुख्य ऐप पर बड़े उपयोगकर्ताओं के लिए ‘पर्यवेक्षित अनुभव’ मोड भी प्रदान किया जाता है। इस मोड के तहत जिम्मेदार वयस्क उनकी गतिविधि की निगरानी कर सकते हैं।

माता-पिता और वयस्कों के लिए विकल्प:

वहीं अब जिन्हें अधिक पर्यवेक्षण की आवश्यकता होती है, उनके लिए माता-पिता सामग्री को मंजूरी दे सकते हैं। प्री-स्कूलर्स, छोटे बच्चों और बड़े बच्चों के लिए भी आयु-विशिष्ट नियंत्रण उपलब्ध हैं। वयस्क उपयोगकर्ता भी YouTube के पर्यवेक्षित अनुभव विकल्प में इसी प्रकार के स्तर पा सकते हैं।

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Rishabh Namdev

4 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev →
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