ड्यूटी के दौरान गाड़ी पर बैठ मोबाइल चला रहा था आरक्षक, SP ने किया लाइन अटैच

ड्यूटी के दौरान गाड़ी पर बैठ मोबाइल चला रहा था आरक्षक, SP ने किया लाइन अटैच

टीकमगढ़।आमिर खान। बीते कई दिनों से ट्राफिक पुलिस में पदस्थ आरक्षक भुवनेश्वर अग्निहोत्री विवादों में चल रहे थे। देर शाम इनकी एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इन्हें टीकमगढ़ पुलिस कप्तान अनुराग सुजानिया ने लाइन हाजिर कर दिया है। यह तस्वीर रविवार शाम अस्पताल तिराहे की है। इस तस्वीर में आरक्षक भुवनेश्वर अग्निहोत्री अपने दो पहिया वाहन पर बैठकर मोबाइल चलाते हुए दिखाई दे रहे हैं। जबकि इनकी तैनाती ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई थी, किंतु अपनी इस जिम्मेदारी से बचकर मोबाइल चला कर समय पास करना इन्हें महंगा पड़ गया। सोशल मीडिया पर पिक्चर वायरल होने के बाद उन्हें लाइन का रास्ता दिखाया गया है।

आरक्षक भुवनेश्वर अग्निहोत्री पहले भी विवादों में रह चुके हैं। मीडिया और नेताओं से भी इनकी कई बार झड़प हो चुकी है। इसके बाद से ही इनके आचरण पर सवाल खड़े हो रहे थे। तमाम गलतियां करने के बाद भी वह सुधरने का नाम नहीं ले रहे थे। यही कारण इनके लिए महंगा पड़ा और टीकमगढ़ के पुलिस कप्तान अनुराग ने इन्हें लाइन हाजिर करने के निर्देश मौखिक रूप से जारी कर दिए। विवादों में रहने वाले श्री अग्निहोत्री अब अपनी सेवा ट्रैफिक की जगह लाइन में देंगे। यह मामला सागर संभाग के आईजी अनिल शर्मा के संज्ञान में भी लाया गया था।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews