कांग्रेस प्रदेश सचिव ने किया ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण, आदिवासियों के बीच जाकर सुनी समस्याएं

कांग्रेस प्रदेश सचिव ने किया ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण, आदिवासियों के बीच जाकर सुनी समस्याएं

टीकमगढ़।आमिर खान। कांग्रेस प्रदेश सचिव किरण अहिरवार (Kiran Ahirwar) ने शनिवार को जतारा ब्लॉक (Jatara Block) के ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण किया और किसानों (Farmers) से मुलाकात की। इस दौरान लोगों ने लाइट, खेती की लागत सहित अन्य समस्याएं उन्हें बताई। भ्रमण के दौरान उन्होंने एक आदिवासी के घर में रूक कर खाना खाया और उन लोगों से उनकी समस्याएं भी सुनी।

शनिवार को किरण अहिरवार ने ग्राम खरौ का भ्रमण किया। यहां पर किसानों ने उन्होंने खेती की बढ़ती लागत की समस्या को बताया। किसान कल्याण सिंह यादव ने बताया कि सरकार भले ही खेती को लाभ का धंधा बनाने की बात कह रही है, लेकिन वर्तमान में लागत इतनी अधिक है कि परिवार चलाना मुश्किल है। कल्याण सिंह यादव का कहना था कि वर्तमान में एक बीघा जमीन में चार से साढ़े चार हजार रुपए लागत आती है और उससे प्राप्त उपज से बमुश्किल 7 से 8 हजार रुपए ही मिलता है। 6 माह में एक फसल आती है, ऐसे में यह फसल एक माह की मजदूरी के बराबर भी नहीं देती है। वहीं किसानों ने बताया कि यहां पर पिछले तीन सालों से ट्रांसफार्मर नहीं है। हर जगह शिकायत की लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हो रही है। इस पर किरण अहिरवार ने लिधौरा ओआइसी को फोन कर इस समस्या के निराकरण की बात कहीं।

साथ ही उन्होंने आदिवासी चिमलू के यहां भोजन किया। किरण अहिरवार का कहना था कि प्रदेश में भाजपा की सरकार के विकास का क्या हाल है, यह चिमलू जैसे आदिवासियों की स्थिति को देखकर समझा जा सकता है। उन्होंने चिमलू को योजनाओं का लाभ दिलाने की बात कहीं।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews