
उज्जैन, डेस्क रिपोर्ट। उज्जैन (Ujjain) के विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर (Mahakaleshwar Temple) में हर त्योहार सबसे पहले मनाया जाता है। दीपावली (Diwali) का त्यौहार भी यहां सबसे पहले मनाया जाएगा और आज से यहां दीप पर्व की शुरुआत हो गई है। सुबह 4 बजे भस्म आरती के बाद पंडे पुजारियों ने फुलझड़ियां जलाकर रोशनी के त्यौहार दीवाली की मंदिर में शुरुआत की है।
भस्म आरती के बाद बाबा महाकाल का जल और पंचामृत से स्नान करवाकर अभिषेक पूजन हुआ। इसके पश्चात सूखे मेवे से बाबा का आकर्षक श्रृंगार किया गया। बाबा का ये रूप बड़ा ही मनमोहक था चंद्र और त्रिपुंड के साथ सिर पर शेषनाग का रजत मुकुट धारण करें बाबा के मस्तक पर ओम का आकार दिखाई दे रहा था। रुद्राक्ष के साथ सुगंधित फूलों की माला भी बाबा को अर्पित की गई।
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आकर्षक श्रृंगार के बाद बाबा को फल और मिठाईयों का भोग लगाया गया। बड़ी संख्या में लोग बाबा के इस रूप को निहारने के लिए पहुंचे थे। भस्म आरती के समय बाबा का रूप निराकार होता है जो बहुत ही अद्भुत लगता है इसके पश्चात बाबा साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं।
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