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महाकाल मंदिर में कुत्तों का आतंक, महिला कर्मचारी पर किया हमला, चार महीने में 2439 लोग हुए शिकार

Written by:Banshika Sharma
Published:
उज्जैन के महाकाल मंदिर में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। वहीं हाल ही में एक महिला कर्मचारी पर हमले से दहशत का माहौल है, जबकि चार माह में 2439 लोग इसके शिकार हुए हैं।
महाकाल मंदिर में कुत्तों का आतंक, महिला कर्मचारी पर किया हमला, चार महीने में 2439 लोग हुए शिकार

महाकाल मंदिर परिसर में श्वान के आतंक से एक बार फिर सनसनी फैल गई है। दरअसल हाल ही में एक महिला कर्मचारी पर हुए हमले ने मंदिर प्रशासन और श्रद्धालुओं की चिंता बढ़ा दी है, जहां एक श्वान ने सभा मंडप के पास काम कर रही कर्मचारी को काट लिया। यह घटना दो दिन पुरानी बताई जा रही है, जिसका वीडियो अब तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि श्वान के काटने के बाद महिला कर्मचारी दर्द से तड़प रही है और उसे संभालने के लिए आसपास के लोग तुरंत मदद को जुटते हैं।

हमलों को लेकर गहरी दहशत

दरअसल उज्जैन के महाकाल मंदिर सहित पूरे शहर में आवारा श्वान का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में इन बढ़ते हमलों को लेकर गहरी दहशत है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाल ही में की गई सख्त टिप्पणी के बाद अब लोगों को इस गंभीर समस्या से कुछ राहत मिलने की उम्मीद जगी है। महाकाल मंदिर परिसर में बीते दो वर्षों में श्वान के काटने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। मंदिर में करीब आधा दर्जन से अधिक श्वान लगातार श्रद्धालुओं पर हमला कर उन्हें घायल कर रहे हैं। इससे पहले दिल्ली से आई एक महिला श्रद्धालु पर भी श्वान ने हमला कर दिया था, जिसे तत्काल मंदिर के अस्पताल में उपचार दिया गया था।

श्वान का प्रकोप केवल मंदिर परिसर तक सीमित नहीं

शहर में आवारा श्वान का प्रकोप केवल मंदिर परिसर तक सीमित नहीं है। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, महाकालेश्वर मंदिर, काल भैरव मंदिर, मंगलनाथ मंदिर, सांदीपनि आश्रम क्षेत्र सहित शहर की विभिन्न कॉलोनियों और सड़कों पर श्वान के झुंड लोगों के लिए बड़ा खतरा बने हुए हैं। देशभर से आने वाले श्रद्धालु लगातार इन हमलों का शिकार हो रहे हैं।

जनवरी से अप्रैल तक, बीते चार महीनों में उज्जैन में 2439 लोगों को श्वान ने काटा है। इसके अतिरिक्त, इसी अवधि में 192 लोग बिल्ली, बंदर और घोड़े जैसे अन्य जानवरों के हमलों में घायल हुए हैं। इन आंकड़ों के बावजूद, शहर में श्वान नियंत्रण के प्रभावी उपाय अभी तक सफल नहीं हो पाए हैं।

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने आवारा श्वान के बढ़ते हमलों पर गंभीर रुख अपनाते हुए कहा था कि सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। न्यायालय ने भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से आवारा श्वान को हटाने और उनके प्रभावी नियंत्रण के लिए तत्काल निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के बाद उम्मीद है कि उज्जैन में भी श्वान के आतंक से निजात मिल सकेगी और महाकाल के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालु व स्थानीय नागरिक सुरक्षित महसूस कर सकेंगे।

Banshika Sharma
लेखक के बारे में
मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma
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