धार्मिक मेले आमतौर पर खुशियों और उत्साह का प्रतीक होते हैं, जहां परिवार, बच्चे और बुजुर्ग मिलकर त्योहार का आनंद लेते हैं। लेकिन इस बार खुशियां अचानक डर और अफरा-तफरी में बदल गईं, जब झूले का आनंद ले रहे लोग अचानक मधुमक्खियों के हमले का शिकार हो गए।
मेला परिसर में चल रहा बड़ा झूला जब हवा में तेज रफ्तार से घूम रहा था, तभी मधुमक्खियों का झुंड वहां आ पहुंचा। कुछ ही सेकंड में झूले में बैठे लोग चीखने लगे और जान बचाने की कोशिश करने लगे। नीचे खड़े परिजनों में भी भगदड़ मच गई और पूरा माहौल भयावह हो गया।
हादसा कहां और कैसे हुआ?
यह घटना मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक क्षेत्र उज्जैन जिले के नागदा स्थित मुक्तेश्वर महादेव मंदिर परिसर में लगे मेले के दौरान हुई। यहां धार्मिक आयोजन के चलते बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे और बच्चे झूलों का आनंद ले रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, झूला अपनी पूरी गति में था, तभी अचानक मधुमक्खियों का झुंड झूले के आसपास मंडराने लगा। कुछ ही क्षणों में मधुमक्खियों ने लोगों को काटना शुरू कर दिया। हवा में लटके लोगों के पास नीचे उतरने का कोई सुरक्षित तरीका नहीं था। लोग अपनी सीटों पर झुकने लगे, चेहरा ढकने लगे, जबकि कुछ लोग डर के कारण ऊंचाई से उतरने की कोशिश करते दिखे। इस दौरान कई लोग घायल भी हो गए।
हवा में मची चीख-पुकार, नीचे खड़े परिजन हुए परेशान
चलते झूले पर मधुमक्खियों का हमला इतना अचानक हुआ कि किसी को समझने का मौका ही नहीं मिला। ऊपर बैठे लोग बचाव के लिए चिल्ला रहे थे, वहीं नीचे खड़े उनके परिवार वाले डर से इधर-उधर भागने लगे।
कुछ लोग अपने बच्चों के नाम पुकार रहे थे, तो कुछ झूला ऑपरेटर से झूला तुरंत रोकने की गुहार लगा रहे थे। झूला जब तक पूरी तरह रुक पाया, तब तक कई लोग मधुमक्खियों के डंक का शिकार हो चुके थे। हादसे के बाद मेले में अफरा-तफरी मच गई। कई लोग डर के कारण तुरंत वहां से निकल गए, जबकि घायलों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया।
कई लोग घायल, तीन बच्चों की हालत गंभीर
मधुमक्खियों के डंक से कई लोग घायल हुए। विशेष रूप से बच्चे ज्यादा प्रभावित हुए क्योंकि वे घबराकर खुद को संभाल नहीं पाए। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, कई घायलों को आईसीयू में भर्ती कराया गया है और तीन बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि ज्यादा डंक लगने से एलर्जी और सूजन की समस्या बढ़ जाती है, जो कई बार जानलेवा भी हो सकती है। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।





