Mahakal Laddu Prasad: बाबा महाकाल के लड्डू प्रसाद की गुणवत्ता हुई कमजोर, परेशान श्रद्धालुओं की नहीं हो रही सुनवाई

Mahakal Laddu Prasad

Mahakal Laddu Prasad: विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में रोजाना लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं। यहां आने वाले श्रद्धालु बाबा महाकाल के प्रसाद के रूप में अपने साथ मंदिर में मिलने वाले लड्डू भी लेकर जाते हैं।

मंदिर में अलग-अलग जगह पर प्रसाद की व्यवस्था करने के लिए काउंटर बनाए गए हैं लेकिन इन दिनों यह सारी व्यवस्था गड़बड़ाई हुई नजर आ रही है क्योंकि 500 ग्राम और 1 किलो के लड्डू के पैकेट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं है।

पैकेट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध ना होने की वजह से श्रद्धालु परेशान हो रहे हैं और इसी के साथ गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। एक श्रद्धालु ने पैकेट से जला हुआ लड्डू निकलने की शिकायत की लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं की गई है। महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा परिसर में मौजूद काउंटरों से ये प्रसाद बेचा जाता है और चिंतामणि स्थित लड्डू निर्माण इकाई में इसे तैयार किया जाता है।

Mahakal Laddu Prasad की गुणवत्ता कमजोर

मंदिर समिति की ओर से कई सालों से एक ही हलवाई को प्रसाद बनाने का ठेका दे रखा है। यह हलवाई और उसके कर्मचारी लड्डू के पैकेट बनाकर तैयार करते हैं, लेकिन बताया जा रहा है कि यह प्रक्रिया अत्याधुनिक ना होने की वजह से पर्याप्त मात्रा में प्रसाद तैयार नहीं हो पाता है और समय-समय पर गुणवत्ता भी कमजोर हो जाती है।

जला हुआ निकला महाकाल का लड्डू

महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन करने के लिए पहुंचे 1 तीर्थयात्री ने मंदिर में मौजूद काउंटर से प्रसाद का डब्बा खरीदा था। श्रद्धाल ने इस डब्बे को खोला तो इसके अंदर से जला हुआ लड्डू निकला। जिसकी शिकायत उन्होंने काउंटर और मंदिर समिति से करने का प्रयास किया लेकिन इस बारे में कोई भी कदम नहीं उठाया गया।

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प्रशासक का क्या कहना

महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं को प्रसाद को लेकर आ रही समस्या के बारे में मंदिर प्रशासक संदीप कुमार सोनी का कहना है कि हम लड्डू नहीं बेच रहे हैं, यह बाबा महाकाल का प्रसाद है इसलिए सबको मिलना चाहिए। यही वजह है कि 100 और 200 ग्राम के पैकेट ज्यादा बनाए जाते हैं और 500 ग्राम और 1 किलो के पैकेट कम होते हैं। लड्डू निर्माण इकाई में जल्द ही अत्याधुनिक प्लांट लगाया जाएगा ताकि प्रसाद में कमी ना आए।

Diksha Bhanupriy
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10 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में.

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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