उज्जैन में चाइनीज़ मांझा से एक और गंभीर हादसा हुआ। रविवार को जयसिंहपुरा के पास लालपुल क्षेत्र में बाइक से जा रहे युवक के गले में अचानक चाइनीज़ मांझा फंस गया। स्थिति अचानक गंभीर हो गई और युवक के गले में गहरा कट लग गया। राहगीरों ने तुरंत उसे चरक अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के अनुसार, गले में फंसी मांझा को निकालकर 12 टांके लगाए गए हैं। फिलहाल युवक बोल नहीं पा रहा और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
यह कोई पहला मामला नहीं है। बीते एक महीने में उज्जैन में चाइनीज़ मांझा से गले कटने के कई मामले सामने आ चुके हैं। इसके बावजूद प्रशासनिक प्रतिबंध और पुलिस की सख्ती का असर जमीन पर पूरी तरह नहीं दिख रहा। यह सवाल आम नागरिकों के बीच बार-बार उठ रहा है कि आखिर कब तक यह खतरनाक मांझा लोगों की जान लेती रहेगी।
जयसिंहपुरा-लालपुल में हादसा, हालत नाजुक
घायल युवक की पहचान विजय तिवारी के रूप में हुई है। वह मूल रूप से राजगढ़ जिले के जीरापुर का रहने वाला है और फिलहाल उज्जैन के जयसिंहपुरा इलाके में किराए से रह रहा था। विजय उज्जैन में पंडिताई का काम करता है। रविवार को वह बाइक से लालपुल की ओर जा रहा था, तभी सड़क पर लटकी चाइनीज़ मांझा उसके गले में फंस गई। विजय कुछ समझ पाता, उससे पहले ही गले में गंभीर कट लग गया। बाइक रोकने की कोशिश में वह सड़क पर गिर पड़ा।
चाइनीज़ मांझा से पहले भी जा चुकी है जान
चाइनीज़ मांझा का खतरा नया नहीं है। 15 जनवरी 2022 को उज्जैन के जीरो पॉइंट पुल पर कक्षा 11 की छात्रा नेहा आंजना की चाइनीज़ मांझा से गला कटने के कारण मौत हो गई थी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार यह घटना पूरे शहर को झकझोर देने वाली थी। इसके बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाने की बात कही थी, लेकिन हालात आज भी नहीं बदले।
प्रतिबंध के बावजूद उपयोग जारी
उज्जैन कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने पहले ही चाइनीज़ मांझा की बिक्री और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। पतंग दुकानों की जांच की जा रही है और घरों की छतों पर जाकर मांझा चेक किया जा रहा है। बच्चों और अभिभावकों को समझाइश दी जा रही है। इसके बावजूद चाइनीज़ मांझे का इस्तेमाल जारी है। इसकी बड़ी वजह यह है कि यह डोर चोरी-छिपे बिक रही है और लोग इसे तेज और मजबूत मानकर इस्तेमाल कर रहे हैं, बिना यह सोचे कि इससे किसी की जान को खतरा हो सकता है।





