उज्जैन में बाबा महाकाल की अनोखी दिवाली, 56 भोग और फुलझड़ियों से सजा दरबार

मध्य प्रदेश में दिवाली पर्व की शुरुआत श्री महाकालेश्वर मंदिर से हुई। रविवार सुबह भस्म आरती में बाबा महाकाल को उबटन लगाकर गर्म जल से अभ्यंग स्नान कराया गया। अन्नकूट भोग अर्पित करने के बाद आरती में फुलझड़ी जलाकर उत्सव शुरू हुआ।
उज्जैन

मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर में स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर से इस वक्त बेहद पावन खबर सामने आ रही है। पूरे प्रदेश में दीपावली के पावन पर्व की शुरुआत बाबा महाकाल के दरबार से हो चुकी है।

रविवार की सुबह भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल का विशेष अभ्यंग स्नान कराया गया। इसके साथ ही पूरे विधि-विधान और परंपरा के साथ मंदिर में दिवाली का त्यौहार बहुत ही धूमधाम से मनाया गया।

पुजारी परिवार ने लगाया उबटन और कराया गर्म जल से स्नान

महाकाल मंदिर में दीपावली पर की जाने वाली पूजा-अर्चना का नजारा बेहद अद्भुत और भक्तिमय नजर आया। मंदिर की पुरानी परंपरा के अनुसार पुजारी परिवार की महिलाओं और बच्चों ने बड़े प्यार से बाबा महाकाल को उबटन लगाया।

इसके बाद पुजारियों ने उन्हें गर्म जल से स्नान कराया और फिर भगवान महाकाल को तरह-तरह के पकवानों वाले अन्नकूट का महाभोग अर्पित किया गया।

चारों आरतियों में जलाई जाएगी एक-एक फुलझड़ी

महाकाल मंदिर में हर त्यौहार को अनूठे और खास अंदाज में मनाने की एक पुरानी परंपरा चली आ रही है। दीपावली के इस खास मौके पर आरती के दौरान फुलझड़ी जलाकर पर्व का शुभारंभ किया गया।

मंदिर प्रशासन और पुजारियों के अनुसार दिवाली पर होने वाली दिन की चारों आरतियों में एक-एक फुलझड़ी जलाने की परंपरा निभाई जाएगी, जिससे मंदिर का माहौल और सुंदर हो गया है।

भस्म आरती से लेकर शयन आरती तक दिखेगी रौनक

बाबा के दरबार में सुबह से लेकर रात तक होने वाली हर आरती में दिवाली की खास झलक देखने को मिल रही है। सुबह की भस्म आरती, स्नान के बाद की आरती, शाम की संध्या आरती और रात की शयन आरती इन चारों ही आरतियों में परंपरा के तहत फुलझड़ी जलाई जाएगी। इस अलौकिक नजारे को देखने और बाबा का आशीर्वाद लेने के लिए मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी हुई है।

हर त्यौहार सबसे पहले मनाने की है अनूठी परंपरा

उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर हमेशा से ही हर बड़े त्यौहार की शुरुआत सबसे पहले करने के लिए जाना जाता है। ऐसी मान्यता है कि देश और प्रदेश में कोई भी बड़ा पर्व हो, उसकी सबसे पहली पूजा बाबा महाकाल के आंगन में ही की जाती है। इसी परंपरा को निभाते हुए इस बार भी दीपावली पर बाबा का पूजन और अभ्यंग स्नान कराकर पूरे प्रदेश में त्यौहार का आगाज किया गया है।

Bhawna Choubey
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