नए साल की पहली सुबह उज्जैन के लिए बेहद खास रही। जैसे ही 1 जनवरी का सूरज निकला, वैसे ही बाबा महाकाल के दरबार में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। देश के कोने-कोने से आए भक्तों की एक ही इच्छा थी नववर्ष की शुरुआत भगवान महाकाल के दर्शन से हो। सुबह तड़के से ही महाकालेश्वर मंदिर के बाहर लंबी-लंबी कतारें लग गईं। हर तरफ जय महाकाल के जयकारे गूंज रहे थे। श्रद्धालुओं के चेहरों पर आस्था, उम्मीद और सुकून साफ नजर आ रहा था। शाम 6 बजे तक ही 4 लाख से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे, जबकि दिन अभी बाकी था।
महाकालेश्वर मंदिर में टूटा श्रद्धालुओं का पुराना रिकॉर्ड
महाकालेश्वर मंदिर प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक, 1 जनवरी 2026 को श्रद्धालुओं की संख्या ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए। इससे पहले किसी एक दिन में इतनी बड़ी संख्या में भक्तों के दर्शन का आंकड़ा दुर्लभ रहा है। अगर पिछले एक सप्ताह के आंकड़ों पर नजर डालें तो श्रद्धालुओं की संख्या पहले से ही लगातार अधिक बनी हुई थी।
देशभर से पहुंचे श्रद्धालु
नए साल पर महाकाल दर्शन का विशेष महत्व माना जाता है। यही वजह रही कि मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और दक्षिण भारत तक से श्रद्धालु उज्जैन पहुंचे। कई भक्तों ने बताया कि वे हर साल नए साल की शुरुआत बाबा महाकाल के दर्शन से करते हैं। कुछ श्रद्धालु परिवार के साथ आए थे, तो कुछ युवा मित्रों के साथ। बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे हर वर्ग के लोग इस आस्था के महासागर का हिस्सा बने। पूरे शहर का माहौल भक्तिमय हो गया। सड़कों पर “जय महाकाल” के जयकारे, ढोल-नगाड़ों की आवाज और मंदिर परिसर में गूंजती घंटियों ने वातावरण को पूरी तरह आध्यात्मिक बना दिया।
व्यवस्थाएं रहीं पूरी तरह सुचारु
इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के बावजूद महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति और जिला प्रशासन की व्यवस्थाएं पूरी तरह सफल रहीं। श्रद्धालुओं को किसी तरह की अव्यवस्था का सामना नहीं करना पड़ा। मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त दर्शन लाइनें लगाई गईं, ताकि भक्तों को लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस और सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ाई गई। हर प्रवेश और निकास द्वार पर निगरानी रखी गई। पेयजल, शौचालय, प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा और आपात स्थिति से निपटने के लिए विशेष टीमें तैनात रहीं। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने व्यवस्थाओं की जमकर सराहना की।
उज्जैन शहर में दिखा उत्सव जैसा माहौल
नए साल पर उज्जैन सिर्फ एक धार्मिक नगरी नहीं, बल्कि उत्सव का केंद्र बन गया। होटल, धर्मशालाएं और गेस्ट हाउस पूरी तरह भरे हुए थे। स्थानीय व्यापारियों के लिए भी यह समय खास रहा। फूल-मालाओं, पूजा सामग्री और प्रसाद की दुकानों पर दिनभर चहल-पहल रही। शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी भीड़ के बावजूद जिस तरह से प्रशासन ने व्यवस्था संभाली, वह काबिल-ए-तारीफ है।
आने वाले दिनों में भी रहेगी श्रद्धालुओं की भीड़
प्रशासन के अनुमान के मुताबिक, नए साल के शुरुआती दिनों में महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रह सकती है। छुट्टियों और धार्मिक आस्था के कारण अगले कुछ दिनों तक दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्तों के पहुंचने की संभावना है। मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और दर्शन के दौरान संयम बनाए रखें, ताकि सभी को आसानी से बाबा महाकाल के दर्शन हो सकें।





