महाकाल भक्तों ने भरा उज्जैन रेलवे का खजाना, दोगुनी हुई आय, 825 करोड़ की लागत से होगा कायाकल्प

Ujjain Railway station

Ujjain Railway Station: महाकालेश्वर मंदिर में जब से महाकाल लोग का विस्तार हुआ है उसके बाद उज्जैन आने वाले यात्रियों की संख्या में जमकर इजाफा देखा गया है। रोजाना एक से डेढ़ लाख श्रद्धालु महाकाल पहुंच रहे हैं, जिसके चलते होटल और ट्रेवल एजेंसियों को जमकर कमाई हो रही है।

कमाई के इस मामले में उज्जैन रेलवे भी पीछे नहीं है और रोजाना आने वाली यात्रियों की भारी संख्या के चलते इसे भारी कमाई हो रही है। उज्जैन रेलवे स्टेशन से रोजाना 15 हजार से ज्यादा जनरल और 1000 से अधिक आरक्षित टिकट बुक हो रहे हैं। जिससे रेलवे को करीब 20 लाख की आय हो रही है।

गुजरती है 70 ट्रेन

अभी की स्थिति की बात करें तो उज्जैन रेलवे स्टेशन पर 70 ट्रेन रोज आती है। इनके जरिए 60 से 70 हजार यात्री यात्रा करते हैं। बीते 1 साल में उज्जैन आने वाले यात्रियों की संख्या में जो इजाफा हुआ है उसकी मुख्य वजह महाकाल लोग को बताया जा रहा है। पहले जहां स्टेशन पर बिकने वाले जनरल टिकट की संख्या 7 से 8000 रहती थी वह दोगुनी से ज्यादा हो चुकी है।

बिकते हैं इतने टिकट

उज्जैन रेलवे स्टेशन पर बिकने वाले जनरल टिकट की संख्या रोजाना आराम से 15000 तक पहुंच जाती है। त्यौहार तथा वीकेंड के मौके पर यह आंकड़ा 18 से 20,000 का होता है। ऑनलाइन टिकट के अलावा मैनुअल रूप से लगभग 800 आरक्षित टिकटों की बिक्री होती है। टिकटों से रोजाना रेलवे को लगभग 20 लाख की आय हो रही है और वीकेंड तथा सोमवार को ये 30 लाख तक पहुंच जाती है।

स्टेशन का होगा विकास

उज्जैन रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। वर्तमान रेलवे स्टेशन ऑफ छोटा पड़ने लगा है जिसको देखते हुए जल्द ही स्टेशन का कायाकल्प किया जाएगा। जिसके लिए 825 करोड रुपए की योजना तैयार की गई है।

नया प्रोजेक्ट तैयार कर लिया गया है जिसके अंतर्गत प्रवेश द्वार को त्रिनेत्र के आकार का बनाया जाएगा और बाकी दो नेत्रों से यात्रियों को आने-जाने की सुविधा मिलेगी। एयरपोर्ट की तर्ज पर स्टेशन का विकास करने की बात कही जा रही है।

52 लिफ्ट और 31 एलिवेटर लगाए जाने के साथ यहां यात्रियों की सुविधाओं के लिए कैफिटेरिया, रिटेल शॉप और मनोरंजन के लिए रूफ प्लाजा भी बनाया जाएगा। पार्किंग की व्यवस्था बेसमेंट में की जाएगी। पानी, उर्जा समेत अन्य संसाधनों के लिए ग्रीन बिल्डिंग का निर्माण होगा। तीन पैदल पुल, वेटिंग लाउंज, फूड कोर्ट और बच्चो के खेलने के लिए स्पेस भी बनाया जाएगा। स्थानीय उत्पादों के लिए जगह उपलब्ध कराने के साथ पूरा परिसर वाईफाई युक्त होगा।

Diksha Bhanupriy
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"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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