
उज्जैन में शाही मस्जिद को हटाए जाने विरोध में मुस्लिम समाज पिछले दो दिन से प्रदर्शन कर रहा है। शनिवार रात से ही मस्जिद के बाहर लोगों की भीड़ लगी हुई है। रविवार रात भी यहां बड़ी संख्या में लोग विरोध स्वरूप एकत्रित हुए। वहीं दूसरी तरफ भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया।
आज सुबह तक क्षेत्र का माहौल शांत बना हुआ था। लेकिन अब आ रही जानकारी के मुताबिक मस्जिद को हटाने के विरोध में गहमागहमी की स्थिति बन गई है। पुलिस पर पथराव की स्थिति बन गई है। इसके बाद भीड़ को नियंत्रण में करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। काफी देर तक चली गहमा गहमी के बाद अब स्थिति नियंत्रण में नजर आ रही है। पुलिस ने हुड़दंग करने वालों को खदेड़ दिया है। इसके लिए हल्का बल प्रयोग भी किया गया। इलाके के स्कूल और बाजार पूरी तरह से बंद हैं।
मुस्लिम समाज खुद तोड़ रहा मस्जिद
इस बारे में उज्जैन कलेक्टर रौशन कुमार सिंह द्वारा भी जानकारी दी गई है। उन्होंने बताया है कि समाज के लोग अपनी इच्छा से खुद ही मस्जिद तोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा ‘वर्ष 2028 में उज्जैन में सिंहस्थ महाकुंभ का आयोजन होना है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। श्रद्धालुओं की सुविधा और बेहतर व्यवस्थाओं के लिए मास्टर प्लान के अनुरूप सड़कों के चौड़ीकरण एवं अन्य निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। इन विकास कार्यों में सभी धर्मों और समाजों के लोग स्वेच्छा से सहयोग कर रहे हैं। सड़क चौड़ीकरण की जद में आने वाले मकान, दुकानें और धर्मस्थल आदि को संबंधित समाजजनों द्वारा स्वेच्छा से हटाया जा रहा है। इसी क्रम में छत्री चौक स्थित शाही मस्जिद का एक हिस्सा भी समाजजनों द्वारा स्वत : हटाया जा रहा है। यह सभी समाजों के सहयोग और समन्वय की सकारात्मक मिसाल है। मैं सभी से अपील करता हूं कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और शांति एवं सद्भाव बनाए रखें। सिंहस्थ की तैयारियों में सभी का सहयोग और सहभागिता उज्जैन की एकता और भाईचारे को मजबूत करेगी।’
छत्री चौक स्थित शाही मस्जिद का एक हिस्सा समाजजनों द्वारा
स्वत : हटाया जा रहा है – रोशन सिंह ,कलेक्टर उज्जैन
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वर्ष 2028 में उज्जैन में सिंहस्थ महाकुंभ का आयोजन होना है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। श्रद्धालुओं की सुविधा और बेहतर व्यवस्थाओं के लिए… pic.twitter.com/4xbNqFJtfz— Jansampark MP (@JansamparkMP) September 28, 2026
शहर काजी का क्या कहना
इस पूरे मामले को लेकर उज्जैन शहर काजी खली कुर्रेहमान का वीडियो भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि मस्जिद का मामला रात में आपसी सहमति से सुलझ गया था। ऐसी स्थिति नहीं है जिसके लिए किसी को वहां पर जाना पड़े। जिस काम को पूरा करने का संकल्प लिया है उसे पूरा किया जा रहा है। अफवाहों की वजह से घर से बाहर निकाल कर अनावश्यक रूप से मौके पर ना जाएं।
अफवाह पर ध्यान न दें – शहर काजी उज्जैन
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मस्जिद का मामला रात में ही आपसी सहमति से सुलझ गया था। ऐसी कोई स्थिति नहीं है, जिसके लिए किसी को वहाँ जाने की आवश्यकता हो। जिस कार्य को पूरा करने का संकल्प लिया गया है, उसे पूरा किया जा रहा है।सभी से अपील है कि किसी भी प्रकार की अफवाह… pic.twitter.com/6ppZpyvuz4
— Jansampark MP (@JansamparkMP) September 28, 2026
इलाके के स्कूलों में छुट्टी
शाही मस्जिद के आसपास के जिन क्षेत्रों में पथराव हुआ है। वहां के सभी प्राइवेट स्कूलों में छुट्टी कर दी गई है। छत्री चौक, सती गेट, लखेरवाड़ी, सराफा, ढाबा रोड, गोपाल मंदिर के आसपास का बाजार पूरी तरह से बंद हैं। पुलिस ने लोगों को अपने घरों में रहने की हिदायत दी है।
10 पर की गई एफआईआर
शाही मस्जिद को लेकर हुए इस हंगामे के बाद पुलिस ने 10 लोगों पर एफआईआर दर्ज की है। इनमें से पांच सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर हैं। जिन पर माहौल बिगाड़ने का आरोप है। हालांकि, अब तक इनकी गिरफ्तारी के बारे में जानकारी सामने नहीं आई है।
पुलिस पर किया जा रहा पथराव
शाही मस्जिद हटाने के विरोध में उतरे कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव किया है। इसके बाद स्थिति तनावपूर्ण नजर आ रही है। बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर तैनात है और स्थिति पर नजर रख रहा है। जानकारी के मुताबिक भीड़ को तितर बितर करने के लिए लगभग डेढ़ दर्जन से ज्यादा आंसू गैस के गोले छोड़ें जा चुके हैं। इसके बावजूद भी कुछ लोग पुलिस पर पथराव करने में लगे हुए हैं। तस्वीरों में पथराव की स्थिति साफ तौर पर दिखाई दे रही है।
मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारी
जैसे ही पुलिस पर पथराव करने और आंसू गैस के गोले छोड़े जाने की खबर लगी। उसके तुरंत बाद ही भारी संख्या में पुलिस बल और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। कमिश्नर आशीष सिंह, आईजी राकेश गुप्ता, डीआईजी नवनीत, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह सहित एसपी प्रदीप शर्मा मौके पर मौजूद हैं।
चौड़ीकरण की जद में आ रही मस्जिद
उज्जैन में सिंहस्थ को लेकर चल रहे चौड़ीकरण किया जा रहा है। चौड़ीकरण की जद में आने वाले धार्मिक स्थलों को हटाकर दूसरी जगह स्थापित किया जा रहा है। कंठाल चौराहा से गोपाल मंदिर तक सड़क 15 मीटर चौड़ी की जाने वाली है। यह 900 मीटर लंबा मार्ग है जिसके बीच में 7 धार्मिक स्थल आ रहे थे। इनमें से अधिकांश है चुके हैं। लेकिन खड़े हनुमान मंदिर, शाही मस्जिद और एक मजार को हटाना अभी बाकी है। इसे लेकर लगातार विवाद की स्थिति बनी हुई है। शाही मस्जिद हटाने के विरोध में मुस्लिम समाज पिछले दो दिनों से प्रदर्शन कर रहा है।
दो दिन से चल रहा विरोध
शाही मस्जिद को हटाने के विरोध में मुस्लिम समाज की ओर से पिछले दो दिनों से प्रदर्शन किया जा रहा है। शनिवार की रात से ही मस्जिद के अंदर और बाहर लोगों की भीड़ इकट्ठा होने लगी थी। यह लोग शनिवार की रात से लेकर सुबह तक वहीं डटे रहे। इसी बीच पुलिस द्वारा शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए फ्लैग मार्च भी निकाला गया।
इसके बाद रविवार की रात जब भारी पुलिस बल जेसीबी और पोकलेन मशीनों के साथ मौके पर पहुंचा। तब एक बार फिर बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर गए। मशीने देखकर मौके पर मौजूद लोग अलग अलग तरह से प्रशासन को वहां से जाने की बात कहते नजर आए। हालांकि, इस दौरान प्रशासन भी मौके पर डटा रहा। सुरक्षा को देखते हुए जेसीबी और पोकलेन मशीनों के साथ 2 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई।
हाई कोर्ट में होना है सुनवाई
बता दें कि मस्जिद को ना हटाने के लिए मुस्लिम समाज की ओर से हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई थी। जिसे खारिज कर दिया गया था। इसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई की तैयारी कर ली थी। लेकिन विरोध की वजह से तोड़फोड़ नहीं की जा सकी। अब मुस्लिम समाज ने एक बार फिर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इस मामले में आज सुनवाई होनी है।
10 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में.

