कोयले पर पानी का खेल! नौरोजाबाद कोल माइंस में कोयला आपूर्ति व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

जानकार बताते हैं कि कोयले पर हल्का पानी डालना एक सामान्य प्रक्रिया है, ताकि परिवहन के दौरान उसमें आग न लगे और धूल कम उड़े। इस नियम का दुरुपयोग करते हुए कोयले को जरूरत से ज्यादा भिगोया जा रहा है, जिससे रेक में लोड होने वाले कोयले का वजन बढ़ जाए और कागजों में ज्यादा सप्लाई दिख सके।
Naurozabad Coal Mines Umaria

Naurozabad Coal Mines Umaria

उमरिया जिले के जौहिला क्षेत्र के नौरोजाबाद कोल माइंस से एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने कोयला आपूर्ति व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि रेलवे ट्रैक के माध्यम से भेजे जाने वाले कोयले में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार हो रहा है और कोयले के वजन को कृत्रिम रूप से बढ़ाने के लिए कोयले से भरे मालगाड़ी के डिब्बे में पानी भरा जाता है, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है।

बताया जा रहा है कि कोयले से भरे वैगनों में जानबूझकर पानी डाला जाता है ताकि उनका वजन अधिक दिखे। इस प्रक्रिया से न केवल कोयले की गुणवत्ता प्रभावित होती है, बल्कि यह सीधा-सीधा आर्थिक घोटाले की ओर इशारा करता है। कोयला भरी मालगाड़ी में पानी के छिड़काव का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है    जिसके बाद सेइस पूरे मामले में कोल माइंस के साइड इंचार्ज और संबंधित सेल्समैन की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। आरोप है कि उनकी मिलीभगत के बिना इस तरह का कार्य संभव नहीं है।

कोल माइंस प्रबंधन की चुप्पी पर खड़े हुए सवाल 

खास बात यह है कि इस मामले को लेकर जब अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने फोन उठाना तक उचित नहीं समझा। इससे यह स्पष्ट होता है कि या तो वे इस मामले से अनभिज्ञ हैं या जानबूझकर अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रहे हैं। प्रशासनिक स्तर पर इस तरह की चुप्पी कई गंभीर सवाल खड़े करती है।

नौरोजाबाद कोल माइंस प्रबंधन पर कांग्रेस का हमला 

इधर, इस पूरे मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी ने नौरोजाबाद कोल माइंस प्रबंधन पर सीधा हमला बोला है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष  विजय कोल का कहना है कि यह एक सुनियोजित भ्रष्टाचार है, जिसमें निचले स्तर से लेकर उच्च अधिकारियों तक की संलिप्तता हो सकती है। उन्होंने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी 

कांग्रेस का यह भी कहना है कि अगर समय रहते इस पर कार्रवाई नहीं की गई, तो यह भ्रष्टाचार और अधिक बढ़ सकता है और सरकारी संसाधनों का लगातार दुरुपयोग होता रहेगा। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।

स्थानीय लोग में भारी आक्रोश 

स्थानीय लोगों में भी इस मुद्दे को लेकर आक्रोश है। उनका कहना है कि क्षेत्र में रोजगार और विकास की उम्मीदें कोल माइंस से जुड़ी हैं, लेकिन इस तरह के भ्रष्टाचार से न केवल क्षेत्र की छवि खराब हो रही है, बल्कि आम जनता का विश्वास भी टूट रहा है। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस गंभीर मामले पर क्या कदम उठाता है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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