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“जो व्यक्ति गौ माता को मानता है, वह उस पर अत्याचार नहीं कर सकता..” स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का बड़ा बयान, ‘चोटी’ को बताया सनातन धर्म की ध्वजा के समान

Written by:Ankita Chourdia
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ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती रविवार को लालगंज पहुंचे, जहां दुर्गा माता मंदिर परिसर में उनका स्वागत हुआ और उन्होंने मीडिया व अनुयायियों को संबोधित किया। उन्होंने गौ संरक्षण, प्रयागराज में बटुकों के साथ हुई मारपीट और चोटी खींचने की घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए सरकार से कार्रवाई की मांग की। साथ ही 11 मार्च को लखनऊ में गौ माता को राज्य माता और राष्ट्र माता घोषित करने की मांग वाले कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की।
“जो व्यक्ति गौ माता को मानता है, वह उस पर अत्याचार नहीं कर सकता..” स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का बड़ा बयान, ‘चोटी’ को बताया सनातन धर्म की ध्वजा के समान

रविवार को लालगंज के बृजेंद्र नगर स्थित दुर्गा माता मंदिर परिसर में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गौ संरक्षण और सनातन परंपरा से जुड़े मुद्दों पर सार्वजनिक तौर पर अपना पक्ष रखा। स्वागत के बाद उन्होंने मीडिया और अनुयायियों को संबोधित करते हुए कहा कि गाय को मानने वाला व्यक्ति उसके साथ अत्याचार नहीं कर सकता।

अपने संबोधन में उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग गाय के मांस से आय कमाते हैं, उन्हें सनातन समाज कभी माफ नहीं करेगा। उनका वक्तव्य कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोगों के बीच प्रमुख चर्चा का विषय रहा।

“जो व्यक्ति गौ माता को मानता है, वह उस पर अत्याचार नहीं कर सकता; जो ऐसा करता है, वह किसी भी दशा में हिंदू नहीं हो सकता।”- स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती

प्रयागराज की घटना पर सरकार से कार्रवाई की मांग

शंकराचार्य ने प्रयागराज में बटुकों के साथ हुई मारपीट और उनकी चोटी खींचने की घटना का उल्लेख करते हुए इसे गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि बटुकों के साथ दुर्व्यवहार करने वालों के खिलाफ सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि अगर ऐसा कृत्य कोई विधर्मी करता तो बात अलग होती, लेकिन जो खुद को हिंदू बताते हैं और हिंदुओं के वोट से सत्ता तक पहुंचते हैं, उनके शासन में ऐसी घटनाएं होना चिंता का विषय है।

‘चोटी सनातन धर्म की ध्वजा’ कहकर उठाए सवाल

अपने वक्तव्य में शंकराचार्य ने चोटी को सनातन धर्म की ध्वजा के समान बताया। उनके अनुसार चोटी खींचना, सनातन धर्म की ध्वजा पर प्रहार करने जैसा है।

उन्होंने प्रशासनिक जवाबदेही पर भी प्रश्न उठाया और कहा कि यदि ऐसी घटनाओं में कार्रवाई न हो, या पुलिस पर ऐसे व्यवहार के आरोप लगें अथवा उसका समर्थन दिखे, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि वहां हिंदुओं की सरकार कैसे मानी जाए।

“चोटी सनातन धर्म की ध्वजा के समान है। चोटी खींचना ध्वजा पर प्रहार करने जैसा है।”- स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती

11 मार्च को लखनऊ में कार्यक्रम की घोषणा

शंकराचार्य ने कहा कि गौ प्रतिष्ठा को लेकर धर्मयुद्ध का शंखनाद चल रहा है। इसी क्रम में उन्होंने 11 मार्च को लखनऊ के मान्यवर कांशीराम जी सांस्कृतिक स्थल पर होने वाले कार्यक्रम का उल्लेख किया।

उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में गौ माता को राज्य माता और राष्ट्र माता घोषित करने की मांग उठाई जाएगी। लोगों से इसमें भाग लेने की अपील भी की गई।

कार्यक्रम का संचालन कांग्रेसी नेता महेश प्रसाद शर्मा ने किया। इस मौके पर राघवेंद्र सिंह, सुमित यादव, राजेंद्र चौहान, नीरज सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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