समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को इटावा के सैफई में बीजेपी सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि योगी आदित्यनाथ को ‘आउटसोर्स’ किया जाए। अखिलेश ने दावा किया कि 2027 का विधानसभा चुनाव उत्तर प्रदेश की जनता के लिए बदलाव का जनादेश लाएगा। उन्होंने कहा कि बीजेपी के शासन में संविधान, आरक्षण और गरीबों का सम्मान खतरे में है, और विकास तभी संभव है जब गरीबों को इलाज और युवाओं को रोजगार मिले।
अखिलेश ने जीएसटी को लेकर बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इसे लागू करते समय व्यापारियों को सरल व्यवस्था और लाभ का वादा किया गया था, लेकिन अब सरकार गरीबों के नाम पर जीएसटी स्लैब में बदलाव करने को मजबूर है। उन्होंने सवाल उठाया कि अब तक मुनाफा किसे मिल रहा था और ये बदलाव वास्तव में किसके हित में हैं। अखिलेश ने बीजेपी के नौ बजटों की आलोचना करते हुए कहा कि हालात बद से बदतर हो रहे हैं और मुनाफाखोरी की आदतें इतनी गहरी हो चुकी हैं कि छोटे पैकेट्स में बिकने वाले बिस्किट, साबुन और क्रीम जैसे उत्पादों का आकार भी नहीं बढ़ाया जा रहा।
किसानों की समस्याएँ और अमेरिकी टैरिफ का असर
किसानों को डीएपी खाद की कमी पर अखिलेश ने कहा कि पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समुदाय के लोग बड़े पैमाने पर खेती कर रहे हैं, लेकिन सरकार जानबूझकर उन्हें खाद उपलब्ध नहीं करा रही। उन्होंने महंगे कीटनाशकों और बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई न होने की भी आलोचना की। साथ ही, अमेरिकी ‘ट्रम्प टैरिफ’ के प्रभाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भदोही के कारपेट, मुरादाबाद और फिरोजाबाद के उद्योगों पर इसका बुरा असर पड़ा है, लेकिन बीजेपी नेता इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं।
इकाना स्टेडियम और सपा की उपलब्धियाँ
अखिलेश ने इकाना स्टेडियम को लेकर व्यंग्य करते हुए कहा कि यह सपा सरकार की देन है, लेकिन बीजेपी इसे चालू रखने या खेल आयोजनों के लिए उपयोग करने में नाकाम रही है। उन्होंने सैफई स्टेडियम का भी जिक्र किया, जिसे बीजेपी ने बंद रखा है। अखिलेश ने जोर देकर कहा कि 2027 का चुनाव बीजेपी के लिए करारा जवाब होगा, जब जनता सपा के पक्ष में मतदान कर संविधान, आरक्षण और विकास को बचाएगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।





