उत्तर प्रदेश में भी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव आयोग ने यूपी की आलेख्य मतदाता सूची (Draft Voter List) मंगलवार, 6 जनवरी 2026 को जारी कर दी है। इसमें करीब 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम लिस्ट से हटाए गए हैं। अब इस बीच, शनिवार को समाजवादी पार्टी के प्रमुख और सांसद अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यूपी SIR के ड्राफ्ट वोटर लिस्ट को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
अखिलेश यादव ने SIR को लेकर भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंंने का दावा है कि जब वोटर लिस्ट अभी आई भी नहीं थी और किसी को यह जानकारी नहीं थी कि कितने वोट हटाए जाएंगे। उस समय प्रदेश के मुख्यमंत्री ने अपने नेताओं, कार्यकर्ताओं और अधिकारियों के बीच यह बात कही कि लगभग चार करोड़ वोट काटे जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री का यह बयान रिकॉर्ड में है।
सपा सांसद ने भाजपा पर लगाया फर्जी वोट बनवाने की साजिश का आरोप
सपा सांसद ने भाजपा पर PDA के वोट काटने और फर्जी वोट बनवाने की साजिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने चुनाव आयोग पर भी सवाल उठाए। विधानसभा, पंचायत और नगर निकायों के मतदाताओं का आंकड़ा गिनाते हुए कहा कि जब एक ही BLO विधानसभा और पंचायत की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का ड्राफ्ट तैयार कर रहा है तो फिर पूरे प्रदेश में और ग्रामीण क्षेत्र के वोटरों की संख्या में अंतर क्यों है?
साथ ही, बूथ स्तरीय अधिकारी (BLO) द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए यादव ने कहा कि पंचायत चुनाव के ग्रामीण मतदाताओं की कुल संख्या 12.69 करोड़, पूरे राज्य में विधानसभा चुनाव में वोट देने के लिए पात्र मतदाताओं की संख्या 12.56 करोड़ से अधिक कैसे हो सकती है? जबकि वही बीएलओ दोनों चुनावों के लिए मतदाता सूचियां तैयार कर रहे हैं।
“भाजपा द्वारा हर बूथ पर फर्जी वोट बढ़ाने को लेकर समाजवादी पार्टी ने एक FIR का प्रारूप तैयार किया है। सभी कार्यकर्ताओं को उस FIR का प्रारूप भेजा जाएगा, और फर्जी वोट जुड़ने का बस नाम लिखकर भेजना होगा, ज्यादा मेहनत भी नहीं करनी होगी।”
– माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी pic.twitter.com/3TU3cTBhiH
— Samajwadi Party (@samajwadiparty) January 10, 2026
अखिलेश ने मैपिंग पर खड़े किए सवाल
अखिलेश यादव ने कहा कि फिर सवाल उठ रहा है कि यह मैपिंग एप किसका है। चुनाव आयोग बताएं कि एप किसका बनाया हुआ है? आयोग को कौन तकनीकी सपोर्ट दे रहा है? आयोग विपक्ष को बताए कि एप किसका है? अगर एप उस कम्पनी का है, जिसने भाजपा को इलेक्टोरल बांड से चंदा दिया है तो यह बड़ा सवाल खड़ा होता है। अगर भाजपा को चंदा देनी वाली कम्पनी मैपिंग कर रही है वही डेटा मैनेजमेंट कर रही है इसका मतलब है लाखों वोट डिलीट कर विपक्ष को उलझाए रखने की साजिश है।
अखिलेश यादव की वोटर लिस्ट को आधार से जोड़ने की मांग
अखिलेश यादव ने मांग की है कि बीएलए की उपस्थ्ति में ही वोट काटा जाए। वोट काटने के बाद उसकी सूची भी चस्पा की जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई गड़बड़ी हुई तो PDA प्रहरी और बीएलए FIR कराएंगे। इसके साथ ही सपा प्रमुख ने आधार को भी वोटर लिस्ट को आधार से जोड़ने की मांग की और कहा कि अभी भी वोटर लिस्ट में गलतियां हो रही हैं। इसलिए हमारी मांग है कि अगर वोटर लिस्ट को आधार से जोड़ दिया जाए। क्योंकि आधार में सब आंकड़े हैं।
अखिलेश यादव के आरोपों पर बीजेपी का जवाब
सपा प्रमुख अखिलेश यादव के आरोपों के बाद बीजेपी ने पलटवार किया है। सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने बयान जारी करते हुए कहा कि SIR का मुद्दा ऐसा प्रतीत होता है कि INDI गठबंधन के लिए एक यक्ष प्रश्न बनता जा रहा है। उनकी परिस्थिति ऐसी हो गई है कि कहा भी ना जाए चुप रहा भी ना जाए।
उन्होंंने कहा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव कह रहे थे कि भाजपा के वोट कट गए हैं उससे कुछ दिन पहले कांग्रेस कह रही थी की SIR के माध्यम से विपक्ष के वोट कट रहे हैं। आज वे ये कहने लगे कि SIR वोट काटने के लिए नहीं जोड़ने के लिए हो रहा है। INDI गठबंधन के लोग कृपया ये स्पष्ट कर दें कि उनके अनुसार किसके वोट कट रहे हैं किसके जुड़ रहे हैं। हकीकत में ना किसी के वोट कट रहे हैं ना किसी के वोट जुड़ रहे हैं ये एक संवैधानिक प्रक्रिया है।





