काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) परिसर गुरुवार को एक बार फिर छात्रों की आपसी भिड़ंत से दहल उठा। रुइया और बिरला छात्रावास के छात्रों के दो गुट आमने-सामने आ गए, जिसके बाद जमकर मारपीट और पत्थरबाजी हुई। इस हिंसक झड़प में एक छात्र का सिर फट गया, जिसे गंभीर हालत में ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद कैंपस में तनाव का माहौल है और भारी संख्या में पुलिस व PAC के जवान तैनात किए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, यह घटना रुइया छात्रावास के गेट के पास हुई। बताया जा रहा है कि प्रॉक्टोरियल बोर्ड के अधिकारियों से कुछ छात्र बातचीत कर रहे थे, तभी बाइक से गुजर रहे एक अन्य छात्र से उनकी बहस हो गई। यह मामूली बहस देखते ही देखते मारपीट में बदल गई और दोनों पक्षों से छात्र इकट्ठा हो गए।
हमलावरों में निष्कासित छात्र शामिल होने का आरोप
इस मारपीट में संस्कृत में परास्नातक कर रहे एक छात्र को गंभीर चोटें आईं। घायल छात्र ने मारपीट करने वाले कुछ लोगों के नाम बताए हैं, जिनमें विश्वविद्यालय के कुछ पूर्व और निष्कासित छात्र भी शामिल हैं। आरोप है कि करीब 20-25 की संख्या में मुंह पर कपड़ा बांधे युवकों ने रुइया छात्रावास की ओर पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।
कैंपस छावनी में तब्दील, ड्रोन से निगरानी
बवाल की सूचना मिलते ही विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मौके पर तीन थानों की फोर्स, PAC के जवान और विश्वविद्यालय के करीब 200 सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए गए। प्रॉक्टोरियल बोर्ड के जवानों ने कैंपस में मार्च कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। प्रशासन अब छात्रावासों पर ड्रोन कैमरों से भी नजर रख रहा है।
इस मामले पर काशी जोन के DCP गौरव बंसवाल ने बताया कि यह विवाद जन्माष्टमी के दौरान हुई एक पुरानी घटना से जुड़ा है।
“जन्माष्टमी पर हुई एक घटना को लेकर रुइया और बिड़ला हॉस्टल के छात्रों के बीच आज फिर से झड़प हुई। पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा, जिसके बाद छात्र भाग गए। घायल छात्र ने कुछ पूर्व छात्रों के नाम बताए हैं। प्रॉक्टोरियल बोर्ड इन व्यक्तियों की पहचान कर कार्रवाई कर रहा है।” — गौरव बंसवाल, DCP काशी जोन
पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन अब छात्रावासों की सघन तलाशी ले रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी बाहरी या निष्कासित छात्र अवैध रूप से वहां न रह रहा हो।





