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यूपी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी में जुटीं मायावती, कार्यकर्ताओं को विपक्ष की साजिशों से किया आगाह, संगठन में बड़े फेरबदल के दिए संकेत

Written by:Ankita Chourdia
Published:
बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने शनिवार को लखनऊ में पार्टी पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इसमें उन्होंने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा की और कार्यकर्ताओं को विपक्षी दलों द्वारा पार्टी को कमजोर करने के षड्यंत्रों से सतर्क रहने का निर्देश दिया।
यूपी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी में जुटीं मायावती, कार्यकर्ताओं को विपक्ष की साजिशों से किया आगाह, संगठन में बड़े फेरबदल के दिए संकेत

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी सुप्रीमो मायावती ने शनिवार को प्रदेश के सभी छोटे-बड़े पदाधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की, जिसमें आगामी चुनावी रणनीति पर गहन मंथन हुआ। इस दौरान मायावती ने विपक्षी दलों पर पार्टी को कमजोर करने के लिए नई-नई साजिशें रचने का गंभीर आरोप लगाया और कार्यकर्ताओं को इससे निपटने के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।

यह बैठक 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद हो रही है, जहां एक समय प्रदेश पर शासन करने वाली बसपा महज एक सीट पर सिमट गई थी। अब पार्टी उस हार से उबरकर अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन वापस पाने की कवायद में जुटी है।

विपक्षी दलों के ‘साम, दाम, दंड, भेद’ से सावधान

बैठक को संबोधित करते हुए मायावती ने कहा कि विधानसभा चुनाव में अब बहुत कम समय बचा है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को चेताया कि विरोधी दल बसपा को कमजोर करने के लिए हर हथकंडा अपना रहे हैं।

“पार्टी के लोग, विरोधी पार्टियों के साम, दाम, दंड, भेद आदि हथकंडों तथा कुछ स्वार्थी दलित संगठनों आदि के घिनौने षडयंत्रों का डट कर मुकाबला करते हुए पूरे जी-जान से पार्टी संगठन को मजबूत बनाने के मिशनरी कार्य में लगे हैं।”- मायावती, बसपा प्रमुख

उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनावी तैयारियों को ध्यान में रखते हुए संगठन में जल्द ही जरूरी फेरबदल किए जाएंगे ताकि पार्टी पूरी मजबूती के साथ मैदान में उतर सके।

ब्राह्मण समाज की नाराजगी का उठाया मुद्दा

मायावती ने केंद्र और राज्य की बीजेपी सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ मुट्ठी भर लोगों को छोड़कर समाज का हर वर्ग, विशेषकर गरीब, दलित, आदिवासी, पिछड़े वर्ग और धार्मिक अल्पसंख्यक, सरकार की नीतियों से त्रस्त हैं।

उन्होंने विशेष रूप से ब्राह्मण समाज का जिक्र करते हुए कहा, “खासकर ब्राह्मण समाज अपनी उपेक्षा, असुरक्षा व असम्मान आदि के विरुद्ध काफी मुखर है और जिसकी चर्चा देश भर में है, जबकि बीएसपी ने सर्वसमाज के साथ-साथ उन्हें भी पूरा-पूरा आदर-सम्मान, पद व न्याय दिया।”

SIR अभियान और संसद सत्र पर भी रखी अपनी बात

मायावती ने मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) अभियान का जिक्र करते हुए सरकार से आमजन को वोटर बनने में सहानुभूतिपूर्वक सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के लोगों को बेहतर सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और रोजगार की सख्त जरूरत है। इसके अलावा, संसद के मौजूदा बजट सत्र में हो रहे हंगामे पर उन्होंने कहा कि सरकार और विपक्ष के टकराव के कारण यह स्थगन और निलंबन से ग्रस्त है, जबकि संसद में सभी को तथ्यों के साथ अपनी बात रखने का पूरा मौका मिलना चाहिए ताकि जनता सही-गलत का आकलन कर सके।