चंपत राय की रामभक्तों के नाम पाती “मुझ पर अनर्गल आरोप लगे मैं मौन हूँ, SIT की अंतिम रिपोर्ट के बाद जवाब दूंगा, सच सामने आयेगा”

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविन्द देव गिरि चंपत राय को पहले ही क्लीन चिट दे चुके हैं उनका कहना है कि चंपत राय चोरी में संलिप्त हो सकते हैं ऐसा मैं सोच भी नहीं सकता लेकिन उन्होंने लापरवाही की ये उनका दोष है।
Champat Rai letter to Ram devotees

Champat Rai letter to Ram devotees

राम मंदिर में दान चढ़ावा चोरी मामले में पहली बार चंपत राय का बयान सामने आया है, हालाँकि उन्होंने ये बयान मीडिया को नहीं दिया है बल्कि रामभक्तों के नाम एक पाती लिखकर उसे सोशल मीडिया सार्वजनिक किया है और उसमें चेतावनी दी है कि जिन लोगों में मुझे बदनाम करने की कोशिश की है सबको उसका जवाब मिलेगा।

राम मंदिर आंदोलन के नाम अपना जीवन समर्पित कर देने वाले करोड़ों राम भक्तों में से एक चंपत राय इन दिनों दान और चढ़ावा चोरी में संलिप्तता के आरोप झेल रहे हैं, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी सहित अन्य विपक्षी दल बिना सबूत सामने आये चंपत राय को मुख्य आरोपी बता रहे हैं, चंपत राय ने पिछले दिनों अपने पद से इस्तीफा दे दिया और कल 6 जुलाई को हुई ट्रस्ट की बैठक में उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया उनके साथ ही ट्रस्टी अनिल मिश्रा का भी इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया।

चंपत राय ने खुद को मंदिर और ट्रस्ट से दूर कर लिया है, वे बहुत कम लोगों से मिल रहे हैं, बहुत कम अपने X एकाउंट का उपयोग करने वाले चंपत राय ने आज 7 जुलाई 2026 को उसपर कुछ पोस्ट किया है, दर असल उन्होंने एक पत्र लिखा है और उनको जानने वालों को आश्वस्त किया है कि उनपर जो आरोप लग रहे हैं वो झूठे हैं वे जल्दी इसका जवाब देंगे।

अनर्गल आरोप लगे, मैंने मौन धारण कर लिया है 

चंपत राय ने रामायण की चौपाई “धीरज, धर्म , मित्र अरु नारी, आपद काल परिखिअहिं चारी… लिखते हुए रामभक्तों के नाम एक पाती लिखी है, उन्होंने लिखा राम मंदिर में गणना के समय हुई दान की चोरी के मामले में अनेक चर्चाएँ चल रहीं हैं, व्यक्तिगत मेरे ऊपर अनेक लोगों ने अनर्गल आरोप लगाये हैं, मैंने मौन धारण कर लिया है , मंदिर ट्रस्ट की 6 जुलाई की बैठक में एसआईटी की रिपोर्ट प्रस्तुत  की गई है यह रिपोर्ट अब सार्वजनिक हो चुकी है हालाँकि ये अति गोपनीय थी।

फैलाया जा रहा भ्रम दूर होगा सच सामने आयेगा 

चंपत राय ने लिखा , मैं आप सबको आश्वस्त करना चाहता हूँ SIT की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद फैलाये जा रहे भ्रम और सभी बिन्दुओं पर अपना उत्तर क्रमानुसार दूंगा सभी सत्य सामने आएगा, उन्होंने लिखा मैं अक्टूबर 1991 से संगठन द्वारा अयोध्या में भेजा गया , मेरा प्रचारक जीवन 45 वर्ष का है , मैं जहाँ जहाँ भी रहा मेरा जीवन खुली किताब की तरह रहा है, सभी को आदर पूर्वक नमन।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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