स्मार्ट मीटर के फायदे गिनाने मुख्य अभियंता ने हरी झंडी दिखा रवाना किया प्रचार वाहन

उत्तर प्रदेश में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना RDSS (रीवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम) से 3 करोड़ 9 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैं। जिसमें से 16 लाख 41 हजार से ज्यादा स्मार्ट मीटर अब तक लगाए जा चुके हैं।
Chief Engineer flagged off the promotional vehicle

Lucknow News:  बिजली की समस्या की दूर करने, उपभोक्ता को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने और बिजली का सही बिल पहुंचे इसलिए सरकारें स्मार्ट मीटर लगा रही हैं, सरकार स्मार्ट मीटर के फायदे बताने के लिए प्रचार का भी सहारा ले रही है, इसी क्रम में आज इसके लिए प्रचार वाहन रवाना किया गया

स्मार्ट मीटर के लिए चलाये जा रहे जागरूकता अभियान के अंतर्गत लखनऊ सेंट्रल जोन में आज से प्रचार वाहन रवाना किया गए। जोन के मुख्य अभियंता रवि कुमार अग्रवाल ने हरी झंडी दिखाकर प्रकाह्र वाहनों को रवाना किया। इस इस प्रचार वाहन के माध्यम से बिजली उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर के फायदे बताए जाएंगे जिससे लोगों में स्मार्ट मीटर को लेकर और सकारात्मक भाव पैदा हो।

रीडिंग की समस्या से मिलेगा छुटकारा 

मुख्य अभियंता रवि कुमार अग्रवाल ने कहा कि स्मार्ट मीटर में उपयोग की जा रही तकनीक उपभोक्ता की दिनचर्या को और आसान बनाती है। इस मीटर में जो रीडिंग आएगी वह एकदम सही आएगी। इससे पहले आने वाली रीडिंग की समस्या अब उपभोक्ता को नहीं आयेगी, उन्होंने सभी उपभोक्ताओं को अपने घरों में स्मार्ट मीटर लगवाने की अपील की।

अब तक लग चुके 16 लाख 41 हजार से ज्यादा स्मार्ट मीटर 

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना RDSS (रीवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम) से 3 करोड़ 9 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैं। जिसमें से 16 लाख 41 हजार से ज्यादा स्मार्ट मीटर अब तक लगाए जा चुके हैं। इस समय आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ वीवीआईपी उपभोक्ताओं के यहां भी स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। जनप्रतिनिधियों के घरों में स्मार्ट मीटर लगाने के संदेश से यह स्पष्ट है कि यह तकनीक सिर्फ आम जनता के लिए नहीं, बल्कि हर वर्ग के लिए उपयोगी है।

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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