सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ विश्वविद्यालय में किया “गोमती पुस्तक महोत्सव” का शुभारंभ, पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने का आह्वान

इस महोत्सव में देशभर के 200 से अधिक प्रकाशक और पुस्तक स्टॉल लगाए गए हैं जिनमें हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू और विभिन्न भारतीय भाषाओं की किताबें उपलब्ध हैं। बच्चों के लिए विशेष सत्र जैसे कहानी-कथन, चित्रकारी, कठपुतली नाटक और क्विज़ प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों में लोकसंगीत, कथक नृत्य, कवि सम्मेलन और नाट्य प्रस्तुतियां भी शामिल की गई हैं।
Uttar Pradesh CM Yogi Adityanath,

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में शुरू हुए ‘गोमती पुस्तक महोत्सव’ का उद्घाटन किया। यह महोत्सव 20 से 28 सितंबर तक चलेगा। ये आयोजन भारतीय राष्ट्रीय पुस्तक ट्रस्ट (NBT) की पहल है जिसका उद्देश्य समाज में पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देना और नई पीढ़ी को पुस्तकों से जोड़ना है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पुस्तकें हमारी सबसे अच्छी साथी होती हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने कहा था कि ‘When citizens Read, the country Leads’ यानि जब लोग पढ़ते हैं तो राष्ट्र आगे बढ़ता है। पढ़ना और आगे बढ़ना, यह भारत की परंपरा का हिस्सा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा लिखी पुस्तक ‘एग्जाम वॉरियर्स’ बच्चों को भेंट की।

‘गोमती पुस्तक महोत्सव’ का शुभारंभ

सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ विश्वविद्यालय के फुटबाल ग्राउंड में ‘गोमती पुस्तक महोत्सव’ का उद्घाटन किया। एनबीट) द्वारा आयोजित यह चौथा वार्षिक महोत्सव है जो 20 से 28 सितंबर नौ दिनों तक चलेगा। यहां साहित्य, कला और शिक्षा के क्षेत्र में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक के इस दौर में युवाओं और बच्चों को मोबाइल स्क्रीन तक सीमित न रहकर पुस्तकों से जुड़ना चाहिए।उन्होंने कहा कि पढ़ने से रचनात्मकता का विकास होता है और आह्वान किया कि वे महोत्सव से कम से कम एक पुस्तक अवश्य खरीदें और प्रतिदिन पढ़ने की आदत विकसित करें।

मुख्यमंत्री ने किया पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने का आह्वान

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत ने दुनिया को विश्वविद्यालयों की एक श्रृंखला दी हैं। उन्होंने कहा कि ‘जब भी कोई ‘मौलिक कृति’ रचता है तो न सिर्फ वह कृति अमर होती है, बल्कि उसके रचयिता को भी अमर कर देती है। आज के युवाओं से कहूंगा- केवल एक घंटा रचनात्मक पुस्तक पढ़ लेंगे तो जीवन का कल्याण हो जाएगा।’ सीएम ने छात्रों और पुस्तक प्रेमियों को संबोधित करते हुए कहा कि पुस्तकें न सिर्फ ज्ञान का स्रोत हैं, बल्कि समाज को नैतिक मूल्यों से जोड़ने का माध्यम भी हैं। उन्होंने वैदिक काल की शिक्षा प्रणाली का जिक्र करते हुए जोर दिया कि आधुनिक तकनीक के दौर में भी पठन-पाठन की परंपरा को मजबूत रखना बेहद आवश्यक है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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