उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की बांसडीह विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक केतकी सिंह ने गाजीपुर जिले का नाम बदलकर महर्षि परशुराम के पिता महर्षि गौतम के नाम पर रखने की मांग की है। सोमवार को अपने आवास पर संवाददाताओं से बातचीत में केतकी सिंह ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से ऐसी सभी जगहों के नाम बदलने की अपील की है, जो ऐतिहासिक आक्रांताओं की याद दिलाते हैं।
केतकी सिंह ने जोर देकर कहा कि गाजीपुर का इतिहास महर्षि गौतम से जुड़ा है और जिले का नाम उनके नाम पर रखा जाना चाहिए। उन्होंने इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज किए जाने का उदाहरण देते हुए तर्क दिया कि इस तरह के बदलाव से नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी। विधायक ने कहा कि वे सभी नाम, जो आक्रांताओं का महिमामंडन करते हैं, हटाए जाने चाहिए और महापुरुषों की जन्मस्थलियों को उनके नामों से जाना जाना चाहिए।
इतिहास को याद रखने की जरूरत
भाजपा विधायक ने अपने बयान में कहा, “जो देश अपना इतिहास भूल जाता है, वह अपना भविष्य नहीं बना सकता। अगर हम अपना मूल भूल जाएंगे, तो भविष्य का निर्माण नहीं कर पाएंगे।” उन्होंने ऐतिहासिक नामों को बदलने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि यह कदम देश की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और भावी पीढ़ियों को प्रेरित करने के लिए जरूरी है। उनके अनुसार, गाजीपुर का नाम बदलना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
अकबर की महानता पर सवाल
केतकी सिंह ने अकबर जैसे ऐतिहासिक शासकों की महानता पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी महानता “लाखों हिंदुओं की लाशों पर लिखी गई है।” उन्होंने इस तरह के ऐतिहासिक नामों को बदलने की वकालत करते हुए सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग की। यह प्रस्ताव न केवल स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है, बल्कि उत्तर प्रदेश में सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को लेकर एक नई बहस को जन्म दे सकता है।





